VIDEO : वृद्धाश्रम में 90 साल के वृद्ध को आ रही थी परिवार की याद, कलेक्टर खुद की गाड़ी से उसे छोड़कर आए घर

दमोह वृद्धाश्रम में जिला कलेक्टर से 90 साल बुजुर्ग ने कहा-'परिवार की याद आ रही है, कलेक्टर उन्हें अपनी कार में बैठाकर ले गए घर'


दमोह। यह है दमोह का वृद्धाश्रम। दूसरे वृद्धाश्रमों की तरह यहाँ भी वहीं बुजुर्ग रहते हैं, जो अपनों से ठुकराए हुए हैं, जिन्हें सताया गया और अपने ही घर से बाहर निकाल कर यहाँ भर्ती करा दिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार के इस वृद्धाश्रम में सरकारी मुलाजिम और कुछ समाजसेवी इनके देखरेख करते हैं। अक्सर इनका हाल जानने प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी यहाँ आते हैं। अमूमन जब को कोई भी कलेक्टर नया नया यहां आता है तो जिन जगहों पर उनका पहला दौरा होता है उनमें से यह वृद्धाश्रम भी एक है।

दमोह के नए कलेक्टर तरुण राठी की नई पहल

दमोह के नए कलेक्टर तरुण राठी की नई पहल

दमोह जिले के नए कलेक्टर तरुण राठी भी दो दिन पहले जिले में आये हैं। नए कलेक्टर ने भी पुरानी परम्परा को निभाया लेकिन एक नई और प्रेरणा देने वाली शुरुआत करके वो दो दिन में ही सुर्ख़ियों में आ गए। इस युवा जिला कलेक्टर ने एक नजीर पेश की। अपने ओहदे और युवा जोश का बेहतरीन उदाहरण दिया और अब समाज में ये सन्देश भी दिया कि बुजुर्गों की सेवा और हिफाजत करना जरुरी है।

परिवार व पूरे गांव ने सम्मान से उतारा बुजुर्ग को

परिवार व पूरे गांव ने सम्मान से उतारा बुजुर्ग को

दरअसल, दमोह डीएम तरुण राठी यहां के वृद्धाश्रम का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने यहाँ बुजुर्गों से बातचीत की तो 90 साल के बुजुर्ग अज्जू अहीरवाल ने जिला कलेक्टर को अपनी पीड़ा सुनाई और कहा कि वो घर जाना चाहते हैं। कुछ देर सोचने के बाद दमोह जिला कलेक्टर ने बुजुर्ग को घर छोड़ने का मन बनाया। फिर क्या था अपनी ही गाड़ी में डीएम ने बुजुर्ग को बैठाया और निकल पड़े गावं की तरफ। दमोह जिला कलेक्टर डीएम तरुण राठी की गाड़ी के पीछे पूरा प्रशासनिक अमला था और जैसे ही बरमासा गावं में काफिला पहुंचा सब हैरान रह गए।

पांच साल में बुजुर्ग से मिलने कोई नहीं आया-दमोह वृद्धाश्रम केयर टेकर

पांच साल में बुजुर्ग से मिलने कोई नहीं आया-दमोह वृद्धाश्रम केयर टेकर

जिला कलेक्टर तरुण राठी ने बुजुर्ग के बेटे को बुलाया और सारी बात बताई। फिर पूरे परिवार और गावं वालों ने बुजुर्ग को कलेक्टर की गाड़ी से उतारा और अपने साथ घर ले गए। वहीं वृद्धाश्रम के केयर टेकर पीएल प्रजापति​ के मुताबिक़ बुजुर्ग यहाँ पांच साल से रह रहे थे लेकिन इन पांच साल में उनसे मिलने कोई नहीं आया।

लोगों को समझने की जरूरत-दमोह जिला कलेक्टर

लोगों को समझने की जरूरत-दमोह जिला कलेक्टर

जिला कलेक्टर तरुण राठी कहते हैं कि लोगों को समझने की जरुरत है और यदि लोग समझें तो वृद्धाश्रम जैसी संस्था की जरुरत ही ना पड़े। दमोह के रिटायर्ड जज श्रीकांत चौधरी कहते हैं कि एक युवा अफसर की इस शानदार पहल का लोगों ने स्वागत किया और लोग कहते हैं कि कलेक्टर की पहल के साथ इस बात की मॉनिटरिंग भी जरुरी है कि कहीं फिर से बुजुर्ग के परिवार वाले उसे यहाँ ना छोड़ जाएं। वहीं ऐसी पहल और लोगों को भी करनी चाहिए।

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