मध्य प्रदेश: शहडोल मेडिकल कॉलेज में 22 मरीजों की मौत, DM बोले- ऑक्सीजन की कमी से कोई नहीं मरा
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की किल्लत मची है। इस कारण यहां भर्ती मरीजों की जान पर बन आई है। अब तक 12 मरीज दम तोड़ चुके हैं। बीते 24 घंटों में यहां 22 मरीजों की जा जा चुकी है। हालांकि, शहडोल के डीएम का कहना है कि ये मौतें ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुईं। वहीं, मेडिकल कॉलेज के डीन ने इससे पहले कन्फर्म किया है कि मौतें ऑक्सीजन की कमी के चलते हुईं।
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शहडोल मेडिकल कॉलेज में मरीजों की मौत
आज कुछ घंटे पहले तक शहडोल मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 6 लोगों की बात सामने आई थी। हालांकि बाद में संख्या बढ़ी बताई गई। डीन की ओर से कहा गया कि, ऑक्सीजन की कमी के चलते अब यहां सिर्फ अति गंभीर मरीजों को ही ऑक्सीजन दी जा रही है। जिन मरीजों की मौत हुई, उनमें से कई के परिजनों ने बताया कि, अस्पताल में ऑक्सीजन के सिलेंडर की कमी है। पीडितों को ऑक्सीजन नहीं मिली,ऐसी स्थिति में उनकी जान चली गई।
'खाना खाकर सुलाया था, सुबह जान चली गई'
एक मृतक के परिजन ने कहा, ''हमने अपने मरीज को भोजन खिलाकर सुलाया था, उसके बाद सुबह पता चला कि उसकी जान चली गई है। इस बारे में हमने गार्ड से पूछा तो गार्ड ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी के चलते यहां मरीज मर रहे हैं। हमारे एक अपने को यही लापरवाही खा गई।''

वहीं, शहडोल के डीएम इन मौतों के पीछे ऑक्सीजन की कमी को कारण मानने से इंकार कर रहे हैं। डीएम सतेंद्र सिंह ने कहा, ''ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई। सुबह 8 बजे तक केवल 6 लोगों की मौत हुई। उनकी मौत के कारण दूसरे थे। हमारे पास ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति है।''
पूर्व सीएम ने दुख जताया
शहडोल में ऑक्सिजन की कमी से मौतों पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता कमलनाथ ने दुख जताया है। साथ ही उन्होंने शिवराज सरकार को घेरा है। कमलनाथ ने आज कहा, ''अब शहडोल में ऑक्सिजन की कमी से मौतों की बेहद दुखद ख़बर आई है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन जैसे बडे शहरों में बडे पैमाने पर मौतें होने के बाद भी सरकार नहीं जागी? आख़िर कब तक प्रदेश में ऑक्सिजन की कमी से यूँ ही मौतें होती रहेंगी?''












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