निगम बनाएगी फार्म हाउस, तिलहन के बीज उगाएंगे, तेल निकालने की फैक्ट्री भी लगाई जाएगी
मुरैना, 20 मई। जिले के लोगों के लिए खुशखबरी है। भारतीय बीज निगम लिमिटेड फार्म हाउस बनाने जा रहा है। करीब 7 हजार हेक्टेयर के इस फार्म में तिलहन फसलों के बीजों को उगाया जाएगा। साथ ही, तेल निकालने की फैक्ट्री लगाई जाएगी। इसमें हजारों किसानों, ठेकेदारों और स्थानीय स्तर के श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। बुधवार को भारतीय बीज निगम लिमिटेड की टीम जिले के अपर कलेक्टर व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मिली। इसके बाद टीम ने सबलगढ़ के तीन गांवों में जमीन देखी।

जिले में लंबे समय से बड़े शासकीय औद्यौगिक उपक्रम की कमी थी, जिससे स्थानीय स्तर के लोगों को रोजगार मिल सके। इस कमी को जल्द ही पूरा होने की संभावना है। भारतीय बीज निगम लिमिटेड या राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड जिले में बड़ा फार्म हाउस बनाने जा रहा है। निगम के अधिकारियों का दल क्षेत्रीय प्रबंधक गुलबीर पवार के नेतृत्व में जिले में आया है। दल के सदस्य बुधवार को अपर कलेक्टर नरोत्तम भार्गव से मिले। अपर कलेक्टर के बताए अनुसार दल के सदस्य सबलगढ़ पहुंचे। यहां वहां के तीन गांव धौंसा, सेमई और बरखापुर गांव में जमीन देखी।
7 हजार हेक्टेयर भूमि चाहिए
टीम के सदस्यों ने बताया, बीज निगम को बीज उगाने लिए 7 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है, लेकिन जिन तीन गांवों में वह फार्म हाउस के लिए शासकीय भूमि देखने गए थे, वहां केवल 1 से डेढ़ हजार हेक्टेयर ही जमीन उपलब्ध है।
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इसका उद्देश्य तिलहन को बढ़ावा दिया जाना है। आज भी भारत के पास अच्छी किस्म के तिलहन के बीज नहीं हैं। इस वजह से सरकार को हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर विदेशों से अच्छी किस्म के तिलहनी बीज को आयात करना पड़ता है। फार्म में तिलहन बीजों के फाउंडेशन, ब्रीडर व प्रमाणित बीजों का उत्पादन किया जाएगा।
23 हजार हेक्टेयर तक में बने हैं फार्म
तिलहन फसलों की भारत में कमी रहती है। बीजों की किस्मों को कृषि विश्व विद्यालय व कृषि विज्ञान केंद्रों में तैयार किया जाता है। बाद में बीज निगम उन बीजों की पैदावार करता है। बीज निगम के अभी तक 23 हजार हेक्टेयर जमीन तक के फार्म बने हैं। राजस्थान में 6 हजार हेक्टेयर जमीन के फार्म हैं। हिसार व कर्नाटक में 25-25 हजार हेक्टेयर के फार्म हैं।
चंबल क्षेत्र का करेंगे मुआयना
टीम के सदस्य गुरुवार को चंबल क्षेत्र का मुआयना करेंगे। टीम के सदस्यों का मानना हैै, अगर चंबल का रिवाइन एरिया, तिलहनी फसलों के बीजों की पैदावार के लिए उपयुक्त होता है, तो वह वहां भी फार्म बनाएंगे। बीज निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक, गुलबीर सिंह पवार ने बताया कि वह सर्वे रिपोर्ट दिल्ली में अधिकारियों को सौपेंगे। उसके बाद जमीन मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया, यहां ब्रीडर व सर्टिफाइल सीड तैयार करेंगे। चंबल क्षेत्र के 10 जिले लगते हैं। अन्य राज्यों को भी बीज मिल सकेगा।
वहीं अपर कलेक्टर नरोत्तम भार्गव का कहना है, बीज निगम काका दल आया था। शासकीय भूमि की जानकारी मांगी गई थी। फिलहाल तीन गावों की जानकारी दी है, लेकिन जितनी भूमि उन्हें चाहिए, शायद वहां नहीं मिल पा रही है। गुरुवार को टीम चंबल के क्षेत्रों में जाएगी।












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