MP News: भोपाल की हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में मिला चीनी ड्रोन, पुलिस में शुरू की मामले की उच्च स्तरीय जांच
MP News: उच्च सुरक्षा वाली भोपाल सेंट्रल जेल में एक चीन निर्मित ड्रोन मिलने की घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को दोपहर करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच जेल के बी-ब्लॉक बिल्डिंग के पास एक गार्ड ने इस ड्रोन को देखा। काले रंग के इस ड्रोन का वजन लगभग 30 से 40 ग्राम था और इसे चार्ज किया गया था। जेल अधीक्षक राकेश कुमार बांगरे ने बताया कि ड्रोन जेल परिसर में उतरते समय किसी की नजर में नहीं आया।
151 एकड़ में फैला जेल और 3,600 कैदियों की निगरानी
भोपाल सेंट्रल जेल जो 151 एकड़ में फैली है। इसमें वर्तमान में 3,600 कैदी हैं। जो इसकी 2,600 की क्षमता से अधिक है। जेल में एक उच्च सुरक्षा क्षेत्र भी है। जहां 69 कैदी रखे गए हैं। जिनमें से 32 कैदी सिमी से जुड़े हैं। इतने बड़े और सुरक्षित परिसर में ड्रोन की मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है।

जेल अधीक्षक बांगरे ने कहा कि ड्रोन को तुरंत गांधी नगर पुलिस को सौंप दिया गया। जिसने चीन निर्मित ड्रोन की बरामदगी की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी बताया कि हो सकता है। यह ड्रोन पास में खेल रहे बच्चों का हो। लेकिन सुरक्षा को लेकर गहन जांच जारी है।
2016 की घटना और सुरक्षा पर उठते सवाल
भोपाल सेंट्रल जेल पहले भी 2016 की घटना के कारण चर्चा में रही है। जब सिमी के आठ विचाराधीन कैदियों ने एक गार्ड की हत्या कर दी थी और जेल से फरार हो गए थे। बाद में भोपाल के बाहर पुलिस ने इन सभी को मार गिराया था। यह नई घटना पुराने सुरक्षा उल्लंघनों की याद दिलाती है और जेल की सुरक्षा प्रणाली की खामियों को सामने लाती है।
तकनीकी खतरों से निपटने की जरूरत
ड्रोन की बरामदगी ने जेल में तकनीकी खतरों से निपटने के लिए अद्यतन सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता को रेखांकित किया है। भोपाल पुलिस आयुक्त एचसी मिश्रा ने अभी तक मामले से जुड़े और विवरण साझा नहीं किए हैं। हालांकि यह घटना जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा अलर्ट साबित हो रही है।
जेल सुरक्षा में सुधार की मांग
ड्रोन की मौजूदगी ने जेल सुरक्षा पर एक बार फिर से ध्यान केंद्रित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं दर्शाती हैं कि जेलों में सुरक्षा उपायों को तकनीकी खतरों के अनुरूप अपडेट करना बेहद जरूरी है। जेल के आसपास एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाने की मांग उठ रही है। घटना की जांच में ड्रोन की उत्पत्ति और इसके संभावित उद्देश्य को लेकर गहराई से पड़ताल हो रही है।
भोपाल सेंट्रल जेल में ड्रोन की मौजूदगी ने जेल की सुरक्षा में बड़ी चुनौती को उजागर किया है। हालांकि ड्रोन के पीछे किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे के सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन इस घटना ने जेल सुरक्षा और निगरानी में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया है। यह घटना जेल प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि उभरती तकनीकों से निपटने के लिए उन्नत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएं।












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