MP News: मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर बीजेपी का विरोध: महू रैली में क्या कहा था कांग्रेस अध्यक्ष?
MP News: सोमवार को मध्य प्रदेश के महू में कांग्रेस ने एक विशाल रैली का आयोजन किया, जिसका नाम "जय भीम, जय बापू, जय संविधान" था।
इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ तीखे बयान दिए, जिससे बीजेपी में आक्रोश फैल गया।

खड़गे का कुंभ स्नान पर बयान
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कुंभ स्नान पर टिप्पणी की, जिसे लेकर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। खड़गे ने कुंभ स्नान से जुड़ा जो बयान दिया, उसे लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने महू के रोशनपुरा चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, बीजेपी युवा मोर्चा ने भोपाल में खड़गे का पूतला फूंकने की घटना को अंजाम दिया। खड़गे का बयान राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन गया, और इस पर भाजपा ने न केवल विरोध किया, बल्कि इसे कांग्रेस की हिंसा और असहमति के प्रतीक के रूप में देखा।
सीएम रेवंत रेड्डी का मोदी की तुलना मुहम्मद गजनी से
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहम्मद गजनी से तुलना की, जो कांग्रेस के पक्ष में काफी विवादित हो गया। रेवंत रेड्डी के इस बयान को लेकर बीजेपी ने तीखा पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने रेवंत रेड्डी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे "गैर जिम्मेदार और अनावश्यक" कहा। दोनों नेताओं ने इस बयान को पीएम मोदी के प्रति असम्मानपूर्ण बताते हुए कांग्रेस को आलोचना की और इसे "नफरत की राजनीति" का हिस्सा करार दिया।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि रैली में दिए गए बयानों का उद्देश्य केवल सियासी लाभ प्राप्त करना और समाज में विभाजन पैदा करना था। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान "संविधान और सामाजिक न्याय" की आड़ में विभाजन की राजनीति को बढ़ावा देता है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियां और बयान पहले से ही "देश को तोड़ने" की दिशा में काम कर रहे हैं।
साथ ही, बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि खड़गे और रेवंत रेड्डी जैसे नेता भारत की संविधानिक धारा और संप्रभुता के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, जो समाज में तनाव और नफरत फैलाने के सिवाय और कुछ नहीं करते।
कांग्रेस का रुख
वहीं, कांग्रेस ने अपने नेताओं के बयानों को सही ठहराते हुए कहा कि ये बयान केवल "सत्य बोलने" के लिए थे और देश की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए प्रयासों की आलोचना की थी। कांग्रेस ने यह भी कहा कि वे हमेशा समाज के कमजोर वर्ग के अधिकारों की रक्षा करने के लिए संघर्ष करेंगे।
खड़गे का बयान
खड़गे ने अपने भाषण में सवाल उठाया, "क्या गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर होती है? क्या इससे खाना मिलता है?" उनका यह बयान धार्मिक आस्थाओं पर सवाल उठाने के रूप में देखा गया। हालांकि, खड़गे ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी की धार्मिक आस्था का अपमान नहीं करना चाहते और अगर किसी को उनके शब्दों से दुख पहुंचा है, तो वे माफी मांगते हैं।
इसके बाद खड़गे ने कहा, "जब बच्चा भूखा मर रहा है, स्कूल नहीं जा रहा, मजदूर को मजदूरी नहीं मिल रही, तब कुछ लोग हजारों रुपए खर्च कर के प्रतियोगिताओं में डुबकी लगाते हैं। जब तक टीवी पर अच्छा दृश्य नहीं आता, तब तक ये लोग डुबकी मारते रहते हैं। ऐसे लोगों से देश की भलाई नहीं हो सकती।"
बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया
खड़गे के इस बयान को लेकर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि खड़गे का बयान धार्मिक आस्थाओं का अपमान और संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि खड़गे ने जो कहा, उससे समाज में धर्मनिरपेक्षता और समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है।
बीजेपी के प्रवक्ता ने खड़गे के बयान को राजनीतिक अवसरवाद करार दिया और कहा कि कांग्रेस ऐसे बयानों के माध्यम से धर्म और आस्था को विवाद का मुद्दा बनाना चाहती है। पार्टी ने यह भी कहा कि खड़गे को अपने शब्दों का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए और इस मामले पर माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस का बचाव
कांग्रेस ने खड़गे के बयान का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं का अपमान नहीं था, बल्कि वे समाज में विभाजन की राजनीति को नकारते हुए गरीबी और सामाजिक असमानता के मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे थे। पार्टी ने कहा कि खड़गे ने जो कहा, वह समाज के कमजोर वर्ग की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करने के लिए था, और किसी भी तरह का धार्मिक विवाद नहीं था।












Click it and Unblock the Notifications