MP News: इस जिले में बोरवेल पर लगा प्रतिबंध, खनन करने पर होगी जेल
मध्यप्रदेश के शाजापुर में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ऋजु बाफना द्वारा म.प्र. पेयजल परीक्षण अधिनियम के अंतर्गत शाजापुर जिले को 'जल अभावग्रस्त क्षेत्र" घोषित किया है।
जिले के विकासखण्ड मो. बड़ोदिया के समस्त जल स्त्रोतों, यथा बांध, नदी, नहर, जलधारा, झरना, झील, स्त्रोत, जलाशय. नाला, बंधान, नलकूप, या कुओं से किसी भी साधन से घरेलू प्रयोजन व निस्तार को छोड़कर सिंचाई या औद्योगिक, व्यावसायिक अथवा किसी अन्य प्रयोजन के लिए (पूर्व से अनुमति प्राप्त को छोड़कर) जल उपयोग करने के लिए प्रतिबंधित किया गया है।

जिले में निरतर भू-जल की गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए धारा 6 (1) के अंतर्गत जिले के विकासखण्ड मो. बड़ोदिया में अशासकीय व निजि नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। आदेशानुसार शाजापुर जिले के विकासखण्ड मो. बड़ोदिया की सीमा क्षेत्र में नलकूप/बोरिंग मशीन संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी की अनुमति के बिना न तो प्रवेश करेगी (सार्वजनिक सडको से गुजरने वाली मशीनों को छोडकर) और न ही बिना अनुमति के कोई खनन करेगी। प्रत्येक राजस्व एंव पुलिस अधिकारियों को ऐसी बोरिंग मशीनों जो अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर प्रवेश करेंगी अथवा नलकूप खनन /बोरिंग का प्रयास कर रही (विभागीय पेयजल को छोड़कर) मशीनों को जप्त कर पुलिस में एफ.आई.आर. दर्ज कराने का अधिकार एवं जप्त की गई मशीने तहसीलदार के अधिपत्य में रहेगी।
इस अधिसूचना का उल्लंघन करने पर म.प्र.पेयजल परिक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3. धारा 4 या धारा 6 के उपबंध का उल्लंघन, प्रथम अपराध के लिए पांच हजार रूपये के जुर्माने से और पश्चात्वर्ती प्रत्येक अपराध के लिए दस हजार रूपये के जुर्माने से या कारावास से, जो दो वर्ष तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा।
मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक सन 1987) की धारा (3) की कंडिका-5 के अंतर्गत कार्यपालन यंत्री/ सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग शाजापुर को अधिनियम के अंतर्गत पारित आदेशो का पालन उनके संबंधित क्षेत्रों में सुनिश्चित करने के लिए अधिकृत किया है। यह आदेश 31 जुलाई 2025 तक प्रभावशील रहेगा।
उल्लेखनीय है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग कार्यपालन यंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार जिले के विकासखण्ड मो. बडोदिया में औसत वर्षा 995.70 मि.मी. के स्थान पर 972.00 मि.मी. वर्षा होने के उपरांत भी लगातार विकासखण्ड मो. बड़ोदिया का जल स्तर नीचे जा रहा है, जिससे विकासखण्ड मो. बड़ोदिया में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना है। स्थिति का परीक्षण किये जाने पर यह परिलक्षित हुआ है कि यदि जिले के विकासखण्ड मो. बड़ोदिया में वर्तमान जल स्त्रोतों में उपलब्ध जल का पेयजल के अतिरिक्त अन्य प्रयोजनों के लिये उपयोग किये जाने पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो जिले में गंभीर पेयजल संकट और संत्रास उत्पन्न होने की संभावना है।
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