MP News: ‘गजब का चोर’ चोरी का माल कर गया वापस, माफीनामा में लिखी जिंदगी की सबसे बड़ी बात
(amazing thief) चोरो की करामात और उनके कई तरीकों से आपका भी कभी न कभी पाला पड़ा होगा। लेकिन मप्र के बालाघाट में जैन मंदिर से चांदी के छत्र चुराने वाले ऐसे चोर का मामला सामने आया है, जो कुछ वारदात के तीन दिन बाद चोरी माल मंदिर के पास वापस छोड़ गया। चुराए हुए माल के साथ उसका एक माफीनामा लिखी चिट्ठी भी शामिल थी। जिसमें उसने लिखा कि जिंदगी की सबसे बड़ी भूल की है, जब से उसने मंदिर में चोरी की तब से नुकसान पर नुकसान हो रहा है। हे भगवान मुझे माफ़ करो।

दीपावली की रात जैन मंदिर में हुई थी चोरी
एमपी के बालाघाट शहर का यह मामला है। 24 अक्टूबर को दीपावली की रात जब लोग लक्ष्मीजी की पूजा में व्यस्त थे और त्यौहार की खुशियां मनाई जा रही थी, उसी दौरान लामटा मार्केट स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चांदी के 9 छत्र, भामंडल चोरी गए। अगली सुबह जैन समाज के लोग मंदिर पहुंचे और छत्र गायब देखे तो वारदात का पता चला। जिसकी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

पुलिस ने कई संदिग्धों से की पूछताछ
जैन मंदिर में हुई रहस्यमयी इस वारदात को अंजाम देने वाले चोर का पता लगाने CCTV फुटेज भी खंगाले गए। उसके आधार पर पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में भी लिया और मंदिर की चोरी के सिलसिले में पूछताछ की। लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। जिस इलाके में यह घटना हुई वहां पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई। सादी वर्दी में कई पुलिस के जवान लगातार ख़ाक छानते रहे, लेकिन चोर का कही भी कोई सुराग पता नहीं चला।

3 दिन बाद नल की हौद में लटका मिला थैला
जैन समाज भी इस चोरी की घटना से परेशान था। हर कोई चाह रहा था कि बस एक बार चोर पकड़ में आ जाए फिर उसे ऐसा सबक सिखाया जाएगा, कि वह जिंदगी में कभी चोरी नहीं करेगा। इसी दौरान घटना के तीन दिन बाद सुबह मंदिर के सामने एक घर के बाहर थैला मिला। यह थैला वहां हौद में लगे नल में लटका था। रोज की तरह जैन परिवार जब पानी भरने पहुंचा और थैला खोलकर देखा तो उसमें चोरी गया पूरा माल था।

चोरी के माल के साथ माफीनामा
एसपी समीर सौरभ ने बताया कि चोर थैले में एक माफीनामा लिखी चिट्ठी भी छोड़कर गया है। चोरी के माल के साथ बरामद हुई उस चिट्ठी में चोर ने अपनी व्यथा भी लिखी है। चिट्ठी में चोर ने लिखा है कि वह यह माल इसलिए वापस लौटा रहा है क्योकि जब से जैन मंदिर में चोरी की है, उसका नुकसान पर नुकसान होता जा रहा है। बाकायदा चोर ने चिट्ठी में यह भी लिखा कि भगवान हो सके तो मुझे माफ़ करना।

भगवान से डर गया चोर
पुलिस ही नहीं, जैन समाज के लोग भी हैरान है कि चोर का मन कैसे बदल गया? लोगों ने भी कभी ऐसी घटना न तो सुनी और न ही देखी कि चोरी करने के बाद चोर ईमानदारी से पूरा माल वापस जाए। फिर माफी भी मांगे। पुलिस का कहना है कि यह हो सकता है कि जिस शख्स ने इस वारदात को अंजाम दिया उसने अभी-अभी चोरी करना शुरू किया हो। चोर चोरी का माल भले ही वापस लौटा गया। लेकिन पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश जारी रहेगी और गिरफ्तार किया जाएगा।












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