आखिर किस बाहरी पर बरसे अखिलेश, किन फैसलों को बदलने का था दबाव
लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यूं तो शांत स्वभाव के नेता माने जाते हैं, लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से परिवार के भीतर आंतरिक कलह मची हुई है उसपर आखिरकार अखिलेश यादव ने कई अहम बयान दिए।
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मुख्यमंत्री ने माना बाहरी का हस्तक्षेप है
प्रदेश सपा अध्यक्ष का पद छिनने के बाद अखिलेश यादव अचानक से एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि परिवार के भीतर बाहरी लोग हस्तक्षेप करेंगे तो कैसे चलेगा। उन्होंने साफ इशारा किया कि पार्टी और परिवार के भीतर किसी बाहरी व्यक्ति की पैठ बढ़ी है।
अमर सिंह ही हैं बाहरी हस्तक्षेप!
अखिलेश ने कहा कि मुख्य सचिव को कौन हटाएगा, मंत्रियों को कौन हटाएगा इसका फैसला बाहरी नहीं करेंगे। लेकिन अखिलेश के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि पार्टी के अंदरूनी फैसलों में किसी बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप बढ़ा है।राजनैतिक विश्लेषकों की मानें तो यह बाहरी व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि अमर सिंह ही हैं। माना जा रहा है कि अमर सिंह के हस्तक्षेप से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खासा नाराज है।
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इन फैसलों को बदलने का था दबाव
मुख्यमंत्री ने दो कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति और राज किशोर सिंह को सोमवार को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था। माना जा रहा है कि इस फैसले को बदलने का मुख्यमंत्री पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। यूपी के मुख्य सचिव दीपक सिंघल की फिर से बहाली का भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर काफी दबाव था।
लेकिन मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने आकर साफ कहा कि जो फैसले लिए गए हैं उसे बदला नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी में बाहर के लोग फैसला नहीं लेंगे। अखिलेश यादव ने अपने फैसले का दम दिखाने के लिए साफ ककहा कि मुख्य सचिव को किसने हटाया, मंत्रियों को किसने हटाया। ऐसे में वह साफ इशारा करना चाहते थे कि तमाम दबाव के बाद भी उन्होंने ये फैसले लिए।












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