UP News: पराली को लेकर गंभीर है यूपी सरकार, जानिए क्यों किया टास्क फोर्स का गठन
CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्दियों में धान की फसल की कटाई के बाद पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक उपाय किए हैं। पराली की वजह से एनसीआर समेत कई राज्यों में फैल रहे प्रदूषण को लेकर सरकार पूरी तरह से सतर्क है। इसीलिए इसकी निगरानी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है।

सरकार की योजना किसानों को मुफ्त बायो-डीकंपोजर वितरित करने, उन्हें प्रभावी फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि उपकरण प्रदान करने और राज्य में इस प्रथा के खिलाफ बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान शुरू करने की है।
मुख्य सचिव के समक्ष पराली प्रबंधन के संबंध में कृषि विभाग की प्रस्तुति में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि एकल कृषि उपकरणों पर 50% सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा अब तक किसानों को 44,363 एकल कृषि उपकरण वितरित किये जा चुके हैं।
राज्य सरकार ने वर्ष 2023-24 में कुल 4,439 एकल कृषि उपकरणों को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, एफपीओ सहकारी समितियों और ग्राम पंचायतों के बीच कुल 7,621 फॉर्म वितरित किए गए हैं, जिनमें से 2023-24 में 296 फॉर्मों को मंजूरी दी गई है।
2022-23 में 13,22,250 बायो-डीकंपोजर वितरित किए गए, जबकि 2023-24 का लक्ष्य 17 लाख बायो-डीकंपोजर वितरित करने का है। अब तक, वर्ष 2023-24 में किसानों को 1,66,600 बायो-डीकंपोजर की आपूर्ति की जाने की प्रक्रिया चल रही है।
इसके अलावा, जिला स्तर पर विभिन्न विभागों जैसे गन्ना, बेसिक शिक्षा, राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, स्थानीय निकाय, पुलिस और परिवहन में अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
पड़ोसी जिलों में फसल अवशेषों पर आधारित इकाइयों को बढ़ावा देने से पराली के उपयोग के बारे में जानकारी के प्रसार में सुविधा होगी। इस संबंध में ग्राम, न्याय पंचायत, विकास खंड, तहसील और जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है।












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