महलों में रहने वाले भी मरते हैं, कैंप में मरे तो क्या हुआ: सपा के मंत्री

इसके पहले उत्तर प्रदेश सरकार को तब आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जब कैंपो में रहने वाले दंगा पीडि़तों का पुनर्वास नहीं हो सका और सैफई महोत्सव में बॉलीवुड के बड़े सितारों के कार्यक्रम करवाए गये। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि हमने पीडि़तो के पुनर्वास के लिए जो भी किया, वह कोई और नहीं कर सका है।
इसके अलावा सपा सरकार के मंत्रियों के भी पांच देशों के 'स्टडी टूर' पर जाने से विवाद खड़ा हो गया। उत्तर प्रदेश में पिछले एक वर्ष में सौ से अधिक सांप्रदायिक घटनाएं हो चुकी हैं। जिसके कारण राज्य सरकार की निंदा की जा रही है। वहीं सपा मुजफ्फरनगर दंगों के पीछे भाजपा का हाथ होने का आरोप लगा रही है।
नारद राय के पहले उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह ने भी विवादास्पद बयान दिया था कि उन्होने कहा था कि ठंड से तो साइबेरिया में भी मौतें होती रहती हैं। जब मुश्किल आती है तो सभी दलों को साथ मिलकर काम करना चाहिए लेकिन मुजफ्फरनगर की घटना में सभी राजनीतिक दलों ने लाभ लेने की कोशिश की।












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