PCS अफसर का बेटा पुलिस मुठभेड़ के बाद अरेस्ट, गर्लफ्रेंड को गिफ्ट देने के लिए लूटी थी कार
लखनऊ। केजीएमयू (KGMU) के प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार सिंह को गोली मारकर उनकी कार लूटने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में लखनऊ में तैनात एक सीनियर पीसीएस अधिकारी का बेटा भी शामिल है। पुलिस ने आरोपितों के पास से असिस्टेंट प्रफेसर से लूटी गई कार, असलहा व अन्य समान बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि गर्लफ्रेंड को गिफ्ट करने के लिए कार लूट को अंजाम दिया गया था।

लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने बताया शनिवार रात करीब 8:30 बजे सुशांत गोल्फ सिटी के पास बिना नंबर की कार को पुलिस ने चेकिंग के दौरान रोकने की कोशिश की। इस पर कार में बैठे बदमाशों ने गोली चलाते हुए भागने की कोशिश की। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की तो एक बदमाश के पैर में गोली लगी और दूसरे को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि गोली लगने से घायल बदमाश का नाम आयुष सिंह उर्फ आयुष रावत है, जबकि दूसरे गिरफ्तार बदमाश का नाम यथार्थ सिंह उर्फ यश ठाकुर है।
गर्लफ्रेंड को गिफ्ट करने के लिए लूटी थी कार
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, बदमाश यश ठाकुर के पिता सीनियर पीसीएस अफसर हैं और वक्फ बोर्ड में तैनात हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गर्लफ्रेंड को कार गिफ्ट में देने के लिए इस लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। एसीपी कृष्णानगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि यथार्थ कृष्णानगर कोतवाली क्षेत्र से गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित था, जिसकी तलाश की जा रही थी।
पीसीएस अफसर ने फर्जी मुठभेड़ का लगाया आरोप
उधर, पीसीएस अफसर नरेंद्र सिंह का आरोप है कि पुलिस ने घर से उठाकर इस एनकाउंटर को अंजाम दिया है। नरेन्द्र सिंह ने इस मामले में जांच की मांग करते हुए अपर मुख्य सचिव गृह को शिकायत पत्र भी दिया है।
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