pegasus spyware case : मायावती ने की जांच की मांग, बोलीं- केंद्र की सफाई गले के नीचे नहीं उतर रही
लखनऊ, 20 जुलाई: बीएसपी प्रमुख मायावती ने पेगासस जासूसी मामले को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही, मामले की गंभीरत को ध्यान में रखकर इसकी स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाने की मांग की है। मायावती ने ये भी कहा कि केंद्र की बार-बार अनेकों प्रकार की सफाई, खंडन व तर्क लोगों के गले के नीचे नहीं उतर पा रहे हैं।

जासूसी करना अति-गंभीर व खतरनाक मामला: मायावती
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बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को ट्वीट किया, ''जासूसी का गंदा खेल व ब्लैकमेल आदि कोई नई बात नहीं किन्तु काफी महंगे उपकरणों से निजता भंग करके मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, अफसरों व पत्रकारों आदि की सुक्षम जासूसी करना अति-गंभीर व खतरनाक मामला जिसका भंडाफोड़ हो जाने से यहां देश में भी खलबली व सनसनी फैली हुई है।''
मायावती ने कहा- यथाशीघ्र कराई जाए स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच
मायावती ने आगे लिखा, ''इसके संबंध में केंद्र की बार-बार अनेकों प्रकार की सफाई, खंडन व तर्क लोगों के गले के नीचे नहीं उतर पा रहे हैं। सरकार व देश की भी भलाई इसी में है कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर इसकी पूरी स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच यथाशीघ्र कराई जाए, ताकि आगे जिम्मेदारी तय की जा सके।''
क्या है पेगासस जासूसी मामला ?
बता दें, रविवार को न्यूज वेबसाइट 'द वायर' ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया था कि एक अज्ञात एजेंसी ने पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल करते हुए भारतीय पत्रकारों और नेताओं को निशाना बनाया है। 'द वायर' की रिपोर्ट के मुताबिक, लीक हुए डेटा में 300 भारतीय मोबाइल नंबर शामिल हैं। जिनमें 40 मोबाइल नंबर भारतीय पत्रकारों के हैं। तीन बड़े विपक्षी नेता, मोदी सरकार में शामिल दो केंद्रीय मंत्री, सुरक्षा एजेंसियों के मौजूदा-पूर्व प्रमुख और अधिकारी, बिजनेसमैन शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन नंबरों को 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 2018-2019 के बीच निशाना बनाया गया था। इस मामले पर सरकार की ओर से सफाई आई थी। सरकार ने हैकिंग में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा कि विशेष लोगों पर सरकारी निगरानी के आरोपों का कोई ठोस आधार या इससे जुड़ी सच्चाई नहीं है।












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