डॉक्टरों के सामूहिक इस्तीफे पर बोलीं मायावती, कहा- सरकारी दबाव-धमकी से बिगड़ रही है स्थिति
लखनऊ। कोरोना वायरस संकट के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 28 चिकित्सा अधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। चिकित्सा अधिकारियों ने जिला प्रशासन पर उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए वाराणसी के सीएमओ को इस्तीफा सौंपा है। इस मुद्दे पर अब सियासत भी शुरू हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, कोरोना पीड़ितों की सेवा में लगे डॉक्टरों पर सरकारी दबाव-धमकी से स्थिति बिगड़ रही है।

बिगड़ रही है स्थिति: मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायवाती ने गुरुवार को दो ट्वीट किए है। ट्वीट में मायवाती ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। मायावती ने लिखा, 'यूपी में समुचित सुविधा के अभाव में जान जोखिम में डालकर कोरोना पीड़ितों की सेवा में लगे डाक्टरों पर सरकारी दबाव/धमकी से स्थिति बिगड़ रही है, जिस कारण ही वाराणसी में 28 स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों का इस्तीफा। सरकार बिना भेदभाव व पूरी सुविधा देकर उनसे सेवा ले तो बेहतर होगा।

अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की स्थिति काफी खराब: मायावती
मायावती ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि 'कोरोना केन्द्रों व निजी अस्पतालों में भी कोरोना स्वास्थ्यकर्मियों की स्थिति काफी खराब है, जिस कारण उन्हें आत्महत्या का प्रयास करने तक को मजबूर होना पड रहा है, जो अति-दुःखद। सरकार व्यावहारिक नीति बनाकर व समुचित संसाधन देकर सही से उसपर अमल करे, बीएसपी की यह मांग है।'

क्या है मामला
दरअसल, सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों ने सामूहिक इस्तीफे में लिखा है कि, 'अवगत करना है कि 9 अगस्त को सहायक नोडल ऑफिसर एवं डेप्युटी कलेक्टर द्वारा जारी समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्गत पत्र, जिसमे कोविड 19 के दौरान किए गए कार्यों को अपर्याप्त बताते हुए। समस्त प्रभारियों को दोषी ठहराया गया है और उनके द्वारा टारगेट पूरा न होने पर आपराधिक कृत करार देना और मुकदमा दायर करने की धमकी की गई है जिससे हम सभी प्रभारी मानसिक दबाव में है और इस स्थिति में कार्य करने में असमर्थ हैं।'












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