कौमी एकता दल ने सपा की खोली पोल, विलय विवाद पर मुलायम सिंह को घेरा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी में कौमी एकता दल के विलय के रद्द होने के बाद मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी ने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र और सपा सरकार अपनी विफलता को छिपाने के लिए दोनो ही मिलकर प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
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अफजाल अंसारी ने कहा कि विधान परिषद और राज्यसभा के चुनाव में हमारा इस्तेमाल किया गया। इस चुनाव के दौरान सपा के 10 से अधिक विधायक क्रॉस वोटिंग पर आतुर थे। जिसके चलते बलराम यादव और अंबिका चौधरी हमारे पर समर्थन के लिए आये। बलराम यादव ने हमारे सामने यह सुझाव रखा कि वह सपा को समर्थन दिया, जिसके बाद हमारी शिवपाल सिंह यादव से मुलाकात करायी गयी।
10 जून को शिवपाल सिंह से मुलाकात की गयी जबकि 11 जून को मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात में मुलायम सिंह ने हमे विधान परिषद व राज्य सभा में समर्थन देने का धन्यवाद दिया। मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि मतों का विभाजन ना हो इसके लिए कौमी एकता दल सपा में शामिल हो। अंसारी ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भी यह वार्ता चली थी लेकिन वह मुकाम तक नहीं पहुंच पायी थी।
अफजाल ने कहा कि सपा और कौमी एकता दल के बीच जो मतों का विभाजन हुआ उसी वजर से भाजपा सत्ता में आयी। अफजाल ने कहा कि मुलायम सिंह की इन बातों के बाद हमने 21 जून को मुलायम सिंह यादव के आदेश पर सपा के मुख्यालय में प्रेस के सामने सपा में शामिल होने का ऐलान किया।
चुनावी मौसम में अखिलेश के जवाब और विपक्ष पर प्रहार
लेकिन जब मीडिया में यह खबर आयी कि अखिलेश यादव इस फैसले से नाराज हैं तो मुलायम सिंह यादव ने अपने भाई शिवपाल के जरिए इस विलय को रद्द करने की घोषणा कर दी। अफजाल ने कहा कि शिवपाल सिंह बेचारे हैं, मेरी नजर में शिवपाल मुलायम सिंह को सिर्फ अपना भाई नहीं मानते हैं। ऐसे में जब उनका पार्टी में कोई सम्मान नहीं है तो हम ऐसी पार्टी में कभी शामिल नहीं हो सकते हैं।
हमारे साथ सपा ने विश्वासघात किया है, जिससे हमारे चाहने वाले दुखी है। मुख्तार अंसारी को मीडिया में बदनाम करने की कोशिश की गयी है। अफजाल ने कहा कि देश को स्वततंत्र कराने में हमारे परिवार ने अहम भूमिका निभायी है। ऐसे में हमारे परिवार के खिलाफ भ्रामक प्रचार किया गया।












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