यूपी में चुनाव स्थगित करने की इलाहाबाद HC की अपील पर बोला चुनाव आयोग- अगले हफ्ते समीक्षा के बाद लेंगे फैसला
उत्तर प्रदेश में चुनाव स्थगित करने की इलाहाबाद हाई कोर्ट की अपील के एक दिन बाद चुनाव आयोग ने कहा कि वह अगले हफ्ते स्थिति की समीक्षा के बाद उचित निर्णय लेगा।
लखनऊ, 24 दिसंबर। उत्तर प्रदेश में चुनाव स्थगित करने की इलाहाबाद हाई कोर्ट की अपील के एक दिन बाद चुनाव आयोग ने कहा कि वह अगले हफ्ते स्थिति की समीक्षा के बाद उचित निर्णय लेगा। बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को 2 महीने के लिए टालने का आग्रह किया था, इसके अलावा हाई कोर्ट ने सभी रैलियों पर भी प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि हम अगले हफ्ते उत्तर प्रदेश जाएंगे और स्थिति की समीक्षा के बाद उचित निर्णय लेंगे।
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राज्य में तुरंत लगे रैलियों पर रोक
कोरोना वायरय के ओमिक्रॉन वेरिएंट पर चिंता व्यक्त करते हुए कोर्ट ने कहा था कि यह वायरस काफी खतरनाक है और तेजी से फैलता है। इसलिय यदि राज्य में चुनाव हुआ तो इससे भारी तादाद में लोग ओमिक्रॉन का शिकार हो सकते हैं। कोर्ट ने पीएम मोदी और चुनाव आयोग से अपील करते हुए कहा कि राज्य में तत्काल प्रभाव से सभी रैलियों, सार्वजनिक सभाओं और नेताओं की बैठकों पर पाबंदी लगायी जाए।
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उत्तर प्रदेश के चुनाव पर सभी दलों की निगाहें
बता दें कि उत्तर प्रदेश सहित भारत के पांच राज्यों में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। इन सभी राज्यों में उत्तर प्रदेश का चुनाव सभी पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2024 में लोकसभा के चुनाव होने हैं और लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें यूपी से ही आती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जो पार्टी इन चुनावों को जीतने में कामयाब रहेगी, वही 2024 में सबसे ज्यादा वोट पाएगी।
रोक नहीं लगी तो दूसरी लहर से घातक होंगे परिणाम
राज्य में चुनावी रैलियों को लेकर हाई कोर्ट के जज शेखर यादव ने कहा कि यदि रैलियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसके परिणाम कोरोना की दूसरी लहर से भी घातक होंगे। उन्होंने आगे कहा कि जान है तो जहान है। आम तौर पर न्यायपालिका चुनावों को लेकर कोई दखल नहीं देती, लेकिन वर्तमान परिस्थिति के हिसाब से जनहित को ध्यान में रखते हुए कोर्ट को ऐसा करना पड़ा है। गौरतलब है कि भारत में ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 358 हो गए हैं, जिनमें से महाराष्ट्र में सर्वाधिक केस (88), दिल्ली में 67, तेलंगाना में 38, तमिलनाडु में 34 और कर्नाटक में 31 केस सामने आए हैं।












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