गंगा किनारे शवों को दफनाने की तस्वीरें वायरल होने पर सीएम ऑफिस ने किया ट्वीट, दिखाया 2018 का मंजर
गंगा किनारे शवों को दफनाने की तस्वीरें वायरल होने पर सीएम ऑफिस ने किया ट्वीट, दिखाया 2018 का मंजर
लखनऊ, मई 26: गंगा किनारे शव को दफनाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक पार्टी प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमलावर है। इस बीच योगी आदित्यनाथ ऑफिशियल ट्विटर हैंडल की तरफ से एक मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा, '2018 में नहीं था कोरोना, फिर भी ऐसी थी गंगा किनारे की तस्वीर।' दरअसल, मई योगी ऑफिस की तरफ से एक हिंदी दैनिक में प्रकाशित खबर को ट्वीट किया गया है। जिसमें लिखा है कि तीन साल पहले न कोरोना जैसी आपदा थी और न लकड़ियों की कमी, फिर भी तस्वीरें ऐसी ही थीं। यानी गंगा किनारे शवों को दफ़न करने की परंपरा काफी आरसे से चली आ रही है।

दरअसल, एक हिंदी दैनिक ने अपने फोटोग्राफर द्वारा 18 मार्च 2018 को संगम किनारे खींच गई तस्वीर का हवाले से एक खबर छापी है। खबर के मुताबिक, यह तस्वीरें 2019 के कुंभ से पहले की है। तस्वीरों के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई है कि कोरोना महामारी के इस दौर में जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं, उसमें कुछ भी नया नहीं। इसी खबर को योगी आदित्यनाथ ऑफिस ने ट्वीट किया है। उधर, दूसरी तरफ गंगा किनारे दफनाए गए शवों से कफन हटाने का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो होने के बाद ये मामला तूल पकड़ने लगा है।
इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए प्रयागराज जिले के जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने पूरे मामले की जांच अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) और अपर पुलिस अधीक्षक (गंगापार) को सौंपी गई है। डीएम ने कहा यह द्वि सदस्यीय टीम यह भी देखेगी कि ऐसे अति संवेदनशील प्रकरण में किन तत्वों द्वार इस प्रकार का कृत्य किया है और उनकी मंशा क्या है। साथ ही यह समिति दोषी पाये गए व्यक्तियों के विरूद्ध समुतिक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए अपनी संयुक्त जांच आख्या शीघ्र प्रस्तुत करेंगी।
दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों में गंगा में कोविड पीड़ितों के बहते हुए शव और गंगा किनारे रेत में दफनाई गई सैकड़ों लाशों ने यूपी में सनसनी मचा दी थी। जिनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक पार्टियों ने प्रदेश सरकार पर कई सवाल खड़े किए थे। लेकिन शवों का हाल तब बुरा हो गया, जब तेज बारिश, हवा के कारण रेत हटने लगी। ऐसे में दफनाए गए शव बाहर आने शुरू हो गए, जिनसे बाद शवों से कफन हटाने और आस-पास लगाई गई लकड़ियां को हटाने का एक वीडियो सामने आया है।













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