'गुजरात में BJP की हालत ठीक नहीं है', यूनिफॉर्म सिविल कोड को चुनावी मुद्दा बनाने पर Mayawati ने घेरा
बीएसपी चीफ मायावती ने हिमाचल प्रदेश और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बयान दिया है। मायावती ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि विवादित और विभाजनकारी मुद्दों की तरह 'समान नागरिक संहिता' को बीजेपी चुनावी मुद्दा बना रही है। इससे प्रतीत हो रहा है कि बीजेपी की हालत ठीक नहीं है।बता दें, गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले मौजूदा बीजेपी सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी कर रही है। यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित अन्य विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी पर हमला बोला है। आम आदमी पार्टी ने कहा, "चुनाव से पहले बीजेपी कुछ भी कर लें, इसका कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। गुजरात की जनता ने इस बार बदलाव लाने की ठान ली है। बीजेपी यूनिफॉर्म सिविल कोड की चर्चा इसलिए कर रही है क्योंकि चुनाव नजदीक है लेकिन इसका कोई असर जनता पर नहीं पड़ेगा।"

बीएसपी प्रमुख मायावती ने रविवार को ट्वीट में कहा कि यूपी व अन्य राज्यों में भी रोजगार व विकास के बजाय बीजेपी द्वारा विवादित एवं विभाजनकारी मुद्दों की तरह समान नागरिक संहिता को चुनावी मुद्दा बनाना खास बात नहीं, किन्तु गुजरात में इसको चुनावी मुद्दा बनाने से इस आमचर्चा को बल मिलता है कि वहाँ बीजेपी की हालत वास्तव में ठीक नहीं है। मायावती ने आगे कहा, जबकि केंद्र ने अभी हाल में स्वंय माननीय सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि यूनिफार्म सिविल कोड के मामले पर कोई निर्णय अभी न किया जाए, क्योंकि इसे वह 22वें लॉ कमीशन को सौंपेगी, तो फिर गुजरात विधानसभा चुनाव में ऐसा क्या होने जा रहा है जिससे बीजेपी विचलित है व झुक रही है।
साथ ही, चुनाव को प्रभावित करने के लिए जनता की नजर से अज्ञात श्रोतों से प्राप्त अकूत धन का इस्तेमाल कितना उचित? ताजा आँकड़े बताते हैं कि गुजरात व हिमाचल विधानसभा आमचुनाव से पहले चुनावी बाण्ड की गुप्त फण्डिंग की मार्फत 545 करोड़ रुपये के चन्दे दिए गए हैं। यह धन कहाँ जा रहा है?












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