चुनावी शतरंज में राजनाथ सिंह ने चली ढाई घर की चाल

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क्या है वो चाल- प्रत्याशी घोषित होने के बाद जैसे ही राजनाथ सिंह लखनऊ पहुंचे (यानी आज) उन्होंने सबसे पहले उन लोगों को टार्गेट किया, जो उनके वोट पक्के करने में मददगार साबित हो सकते हैं। पिछले कई दिनों से यह कयास लगाये जा रहे थे कि लखनऊ से वर्तमान सांसद लाल जी टंडन सीट छिनने से बेहद खफा हैं... इस बात को लेकर कांग्रेसियों और सपाईयों में भी खासी खुशी थी, लेकिन उन सभी की खुशी गम में तब बदल गई, जब राजनाथ ने लाल जी टंडन के घर पर ही रात्रि भोज का ऐलान कर लखनऊ के सभी सेलेब्रिटीज़ को निमंत्रण भेज दिये।
कैसे हुई यह ढाई घर की चाल?
आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा! उत्तर है- शतरंज में ढाई घर की चाल वो छलांग होती है, जिसमें बाकी मोहरों व प्यादों को बिना खिसकाये ही घोड़ा फांद कर अपने गंतव्य स्थान पर चला जाता है। इस शतरंज पर दूसरे मोहरे लाल जी टंडन ही हैं। लाल जी टंडन इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, फिर भी वो संसद पहुंचेंगे। वो ऐसे कि नवंबर में राज्यसभा में एक खाली होने वाली है और भाजपा उस सीट पर लालजी टंडन को बिठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यही कारण है कि लालजी टंडन ने मंगलवार को अमीनाबाद स्थित हनुमान मंदिर पर मत्था टेकने के बाद राजनाथ सिंह की जीत की दुआ मांगी और राजनाथ के बेटे पंकज सिंह के साथ चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी।
अवध की शाम राजनाथ के नाम
जी हां आज अवध की शाम राजनाथ के नाम है, क्योंकि लखनऊ के विकास पुरुष कहे जाने वाले लालजी टंडन ने राजनाथ के मेहमानों के लिये दस्तरख्वान बिछाया है। इस दस्तरख्वान में मेहमान के रूप में भाजपा नेताओं को नहीं बल्कि शहर के बड़े वकीलों, पत्रकारों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, अधिकारियों, पूर्व अधिकारियों, व्यापारियों, वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों, प्रधानाचार्यों, आदि को बुलाया गया है। इस भोज के दौरान राजनाथ सिंह अपनी आगे की चुनावी रणनीति तय करेंगे। इस दौरान गज़ल के खास इंतजाम किये गये हैं, क्योंकि लखनऊ की आलीशान पार्टियों में अगर गज़ल नहीं हो, तो उसे अधूरा माना जाता है।
राजनाथ का विजन-ए-अवध
राजनाथ ने लखनऊ में कदम रखते ही नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने पर जोर दिया और कहा कि एनडीए का मकसद है देश को सुपर पावर और सुपर स्पीरिचुअल पावर बनाना है। इसके तुरंत बाद उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के अधूरे सपनों को गिनाया और कहा कि बायोटेक्नेालॉजी के मामले में लखनऊ को वो बैंगलोर से आगे देखना चाहते हैं। राजनाथ ने कहा कि लखनऊ को बायोटेक हब बनाने का सपना अटल जी ने देखा था, मैं उसको पूरा करने का संकल्प लेकर आया हूं।












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