Bird Flu in Zoo: बर्ड फ्लू के खतरे के चलते लखनऊ चिड़ियाघर 7 दिन के लिए बंद, जानवरों की सघन निगरानी शुरू
Bird Flu in Zoo: गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खाँ प्राणी उद्यान में एक बाघिन की रहस्यमयी मौत के बाद जब रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें बर्ड फ्लू यानी एवियन इन्फ्लुएंजा (H5 वायरस) की पुष्टि हुई। इस खबर ने प्रदेशभर में वन्यजीव प्रेमियों और प्रशासन दोनों को चिंता में डाल दिया है।
संक्रमण की आशंका को देखते हुए लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान को सात दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है। चिड़ियाघर 14 मई से 20 मई 2025 तक आम लोगों के लिए बंद रहेगा। इस दौरान सभी जानवरों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।

चिड़ियाघर की निदेशक अदिति शर्मा ने बताया कि किसी भी जानवर में अगर वायरस जैसे लक्षण दिखते हैं, तो तत्काल इलाज की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य टीमों को सतर्क कर दिया गया है और निगरानी बढ़ा दी गई है।
सीएम योगी ने बुलाई आपात बैठक, दिए अहम निर्देश
गोरखपुर की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने प्रदेश के सभी चिड़ियाघरों, पक्षी विहारों और वेटलैंड क्षेत्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य में संरक्षित पशु-पक्षियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्र व राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सभी आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएं।
साफ-सफाई और सैनेटाइजेशन पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी आदेश दिए कि सभी प्राणी उद्यानों में नियमित रूप से सैनेटाइजेशन की प्रक्रिया हो। जरूरत पड़ने पर ब्लो टॉर्चिंग जैसी तकनीकें भी अपनाई जाएं ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
साथ ही सभी जानवरों की नियमित जांच के आदेश दिए गए हैं। विशेष रूप से उनके भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसी भी संक्रमित वस्तु के ज़रिये वायरस का प्रसार रोका जा सके।
कर्मचारियों को मिलेगी सुरक्षा, ड्यूटी में भी बदलाव
मुख्यमंत्री ने वन विभाग के सभी कर्मचारियों को पीपीई किट और अन्य सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। उन्हें एवियन इन्फ्लुएंजा से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जाएगी ताकि वे सावधानीपूर्वक काम कर सकें।
इसके अलावा बाड़ों में कार्यरत कर्मचारियों की ड्यूटी को संक्रमण के जोखिम को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा। इस दौरान कोई भी लापरवाही न हो, इसका खास ख्याल रखने को कहा गया है।
प्रदेश भर के चिड़ियाघरों और नेशनल पार्कों में जानवरों की सेहत को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और संदिग्ध मामलों में तुरंत नमूने लेकर जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों की मानें तो बर्ड फ्लू जैसे संक्रमण का समय रहते पता चलना और नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। एक बाघिन की मौत ने जो चेतावनी दी है, उसे हल्के में लेना जोखिमभरा हो सकता है।












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