यूपी: PPE किट की खरीदारी में भ्रष्टाचार के आरोप गलत, डीजी चिकित्सा शिक्षा से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन पर पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट यानी पीपीई किट को लेकर आरोपों का यूपी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने पूरी तरह खंडन किया है। उन्होंने कहा कि डीजी चिकित्सा शिक्षा के द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग इस मामले की जांच करेगा कि पत्र में भ्रामक जानकारी क्यों दी गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में महानिदेशक (चिकित्सा शिक्षा) से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीजी चिकित्सा शिक्षा केके गुप्ता ने मेडिकल कॉलेजों को लिखे अपने पत्र में कहा है कि उन्हें जीआईएमसी नोएडा और मेरठ मेडिकल कॉलेज के द्वारा बताया गया है कि यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन द्वारा दी गई पीपीई किट की गुणवत्ता अधोमानक है। लिहाजा मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन द्वारा पीपीई किट या अन्य सामग्री प्राप्त होती है तो उसका उपयोग कदापि नहीं किया जाए। भारत सरकार की गाइडलाइन का ही पालन किया जाए। साथ ही सप्लाई की गई सामग्री को तुरंत वापस कर उसके स्थान पर गुणवत्ता युक्त पीपीई किट प्राप्त की जाए।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि यूपी के महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा का पत्र मीडिया में सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि मेडिकल कॉलेजों को सब-स्टैंडर्ड पीपीई किट मुहैया कराए गए थे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन द्वारा अक्टूबर और नवंबर महीने में किट खरीदे गए और वे सब-स्टैंडर्ड नहीं हैं। डीजी चिकित्सा शिक्षा के द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग इस मामले की जांच करेगा कि पत्र में भ्रामक जानकारी क्यों दी गई। उन्होंने कहा कि एचएचएल द्वारा निर्मित किटों की तुलना में ये किट गुणवत्ता में कम लग सकते हैं, लेकिन ये सब-स्टैंडर्ड नहीं हैं। HHL की किट की कीमत 1086 रुपए है, जबकि ये किट 115 रुपए प्रति पीस की है। इस पर महानिदेशक (चिकित्सा शिक्षा) से स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय लिया गया है।












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