गोरखपुर में युवक की संदिग्ध मौत: अखिलेश का BJP पर निशाना, कहा- ये हिंसक संस्कृति का दुष्परिणाम है
लखनऊ, 28 सितंबर: गोरखपुर में पुलिस की दबिश के दौरान होटल में संदिग्ध मौत के मामले में सियासत शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना को दुखद और निंदनीय बताते हुए उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश ने ट्वीट किया, ''गोरखपुर में पुलिस की बर्बरता ने एक युवा व्यापारी की जान ले ली। ये बहुत ही दुखद और निंदनीय है। उप्र की भाजपा सरकार ने एनकाउंटर की जिस हिंसक संस्कृति को जन्म दिया है, ये उसी का दुष्परिणाम है। संलिप्त लोगों पर हत्या का मुक़दमा चले और उप्र को हिंसा में धकेलनेवाले इस्तीफा दें।'' बता दें, इस मामले में गोरखपुर के एसएसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में इंस्पेक्टर सहित छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

क्या है पूरा मामला ?
गोरखपुर के सिकरीगंज निवासी चंदन सैनी ने बताया कि उनके तीन दोस्त गुरुग्राम से प्रदीप चौहान, हरदीप सिंह चौहान और कानपुर से मनीष गुप्ता गोरखपुर घूमने आए थे। 27 सिंतबर की रात रामगढ़ताल थाना पुलिस होटलों की जांच के लिए निकली थी। पुलिस कृष्णा होटल के एक कमरे में तलाशी लेने पहुंची, जहां मनीष अपने दो दोस्तों के साथ ठहरे हुए थे। पुलिस के पहुंचने पर मनीष के दोनों साथी उठ गए। पुलिस की पूछताछ में मनीष के दोनों साथियों ने बताया कि वह गुड़गांव और लखनऊ के निवासी हैं। दोनों ने अपने आधार कार्ड भी दिखाए।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक, मनीष नींद में उठा और बेड से नीचे गिर गया, जिससे उसके मुंह में चोट लग गई। पुलिस का कहना है कि तीनों युवक नशे में थे। पुलिस मनीष को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसएसपी ने इस घटना की जांच एसपी नॉर्थ को सौंपी थी। जांच में रिपोर्ट आने के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जेएन सिंह समेत 6 पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है।












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