'किसान महापंचायत' में उमड़ी भीड़ पर बोले अखिलेश- ये भाजपा के कहर के खिलाफ जनमत की लहर है
लखनऊ, 06 सितंबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। चुनावी के तैयारियों में जुटे विपक्षी दल अब किसानों के जरिए सरकार को घेरने में जुट हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर में 'किसान महापंचायत' में उमड़ी किसानों की भीड़ को लेकर कहा कि ये भाजपा के कहर के खिलाफ जनमत की लहर है। भाजपा खत्म।

अखिलेश ने कहा- दंभी सत्ता अब कभी वापस नहीं आएगी
अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ''कल पश्चिमी उप्र में एक तरफ़ किसानों की और दूसरी तरफ़ पूर्वी उप्र में शिक्षकों और आम जनता की अभूतपूर्व एकजुटता ने दिखा दिया है कि भाजपा की दमनकारी, विभाजनकारी, दंभी सत्ता अब कभी वापस नहीं आएगी।'' इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने किसान महापंचायत का समर्थन करते हुए समाजवादी पार्टी और भाजपा पर हमला बोला था। मायावती ने कहा कि महापंचायत में हिन्दू-मुस्लिम साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए भी प्रयास अति-सराहनीय। इससे 2013 में सपा सरकार में हुए भीषण दंगों के गहरे जख्मों को भरने में थोड़ी मदद मिलेगी, लेकिन यह बहुतों को असहज भी करेगी। मायावती ने आगे कहा कि किसान देश की शान हैं और हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा के लिए मंच से साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए लगाए गए नारों से भाजपा की नफरत से बोयी हुई उनकी राजनीतिक जमीन खिसकती हुई दिखने लगी है तथा मुजफ्फरनगर ने कांग्रेस व सपा के दंगा-युक्त शासन की भी याद लोगों के मन में ताजा कर दी है।
मुजफ्फरनगर में आयोजित की गई 'किसान महापंचायत'
केंद्र के तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांगों को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। केंद्र और किसान प्रतिनिधियों के बीच इसको लेकर कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। किसान दिल्ली और यूपी की सीमाओं पर डटे हैं। इस बीच 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने की। किसान नेताओं ने ऐलान किया कि वे यूपी, उत्तराखंड और अन्य विधानसभा चुनाव में बीजेपी का विरोध करेंगे। किसान नेताओं ने 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान भी किया है। इस दौरान ट्रेनें और बसें भी रोकी जाएंगी।












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