बारां: बेटों ने पिता की देहदान कर पूरी की अंतिम इच्छा, रात को खोला गया कोटा मेडिकल कॉलेज
बारां। राजस्थान के बारां शहर के मोटर पार्ट्स व्यवसायी रेवती ठाकुर (80) के निधन के बाद उनके बेटों ने पिता की पार्थिव देह कोटा मेडिकल कॉलेज को दान की है। बेटे सूर्या ठाकुर एवं वीरेश ठाकुर ने पिता के छह साल पुराने संकल्प को याद रखते हुए उनकी अंतिम इच्छा पूरी की हैं।

रेवती ठाकुर के परिजनों ने ह्यूमन हेल्पलाइन और शाइन इंडिया फाउंडेशन काेटा से संपर्क किया। ह्यूमन हेल्पलाइन के अध्यक्ष मनोज जैन आदिनाथ ने कोटा जिला कलेक्टर ओम कसेरा को पूरे मामले से अवगत कराया। कलेक्टर कसेरा ने ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके संकल्प एवं परिवारजनों के निर्णय की सराहना की तथा मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना को अविलंब देहदान की प्रक्रिया रात में ही पूरी करवाने के निर्देश दिए।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के तकनीशियन टिंकू ओझा ने बताया कि रेवती ठाकुर के परिजन बारां से 80 किलोमीटर दूर कोटा उनकी पार्थिव देह लेकर रात को पहुंचे थे। ऐसे में रात को ही मेडिकल कॉलेज खुलवाया गया। एनाटॉमी विभाग की एचओडी प्रतिमा मेडिकल कॉलेज पहुंचीं और औपचारिकता पूर्ण करके उन्होंने परिवार से देह प्राप्त की।
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वीरेश ठाकुर ने बताया कि उनके पिता रेवती ठाकुर ऑटोमोबाइल पार्ट्स का व्यवसाय करते थे। व्यवसाय के साथ-साथ वे समाजसेवा से भी जुड़े रहे। कई जरूरतमंद लोगों की मदद की। उनका कहना था कि जरूरतमंद लोगों की सेवा करना ही सबसे बड़ा पुण्य है। साथ ही वे प्राकृतिक चिकित्सा सेवा के क्षेत्र से जुड़े रहे। किसी भी बीमार या जरूरतमंद व्यक्ति को सलाह व मदद की पूरी कोशिश करते थे। वे करीब 6 साल पहले किसी कार्य से झालावाड़ गए थे। वहां एक चिकित्सक की प्रेरणा से उन्होंने देहदान व नेत्रदान का संकल्प लिया था।












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