Kaushambi: बेटे ने गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर बुजुर्ग मां की हत्या, बोला- Love Marriage में बाधा बन रही थी
Kaushambi News: लव मैरिज में बांधा बनी मां सीता देवी तो कलयुगी बेटे ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर की हत्या। पुलिस आलाकत्ल समेत नीरज और उसकी गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार कर भेजा जेल।

Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 09 मई को हुई सीती देवी हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने मृतक महिला के बेटे और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग महिला अपने बेटे के प्रेम प्रसंग में बाधा बन रही थी। इसके चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को निशानदेही पर आलाकत्ल यानी हत्या में प्रयोग की गई चाकू और ईंट भी बरामद कर ली है। बुजुर्ज महिला सीता देवी के बेटे नेअपने इकबालिया जुर्म कबूल करते हुए कहा कि उसकी मां उसमा से शादी के लिए तैयार नहीं थी। इसके लिए उसे रास्ते से हटा दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने प्रेस कॉन्फ्रेस में पिपरी के मुरादपुर गांव में 9 मई को हुए सीता हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि सीता देवी के पति सुरेश कुमार की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है। सुरेश कुमार की पत्नी सीता देवी ने खेती करके अपनी तीन बेटियों औऱ तीन बेटों का भरण पोषण किया था।
सीता देवी अपनी तीन बेटियों व दो बेटों की शादी कर चुकी थी। सीता अदेवी के दो बेटे अपनी-अपनी पत्नियों के साथ अलग-अलग रहते थे। जबकि छोटा बेटा गांव में अपनी मां सीता देवी के साथ रहता था। सीता देवी ने अपने छोटे बेटे नीरज की शाजी तय कर दी थी। लेकिन वो अपनी प्रेमिका ऊष्मा से शादी करना चाहता था।
लेकिन, नीरज की मां सीता देवी ने ऊष्मा से उसका रिश्ता तोड़ दिया था। इसी बात से नाराज होकर नीरज अपनी बहन के घर रहने लगा था। इस दौरान नीरज और ऊष्मा ने सीता देवी को रास्ते से हटाने का प्लान तैयार किया। नीरज और ऊष्मा ने 09 मई को धारदार हथियार से वार कर सीता देवी की हत्या कर दी।
उसकी लाश घर के बाहर पड़ी मिली थी। हत्याकांड की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। वहीं, नीरज कुमार की तहरीर पर सीता हत्याकांड की जांच शुरू कर दी थी। नीरज ने तहरीर में प्रयागराज के पूरामुफ्ती मंदर गांव निवासी हरीलाल एवं उसकी बेटी उसमा व अन्य अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक सीता के बेटे नीरज कुमार की भूमिका संदेह के घेरे में पाई थी। पुलिस ने नीरज से पूछताछ शुरू की तो नीरज पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते हुए उसमा और उसके पिता हरीलाल का नाम बता दिया। पुलिस ने उसमा और हरीलाल को थाने लाकर पूछताछ शुरू की, जिसमें उसमा ने नीरज के झूठ की कलाई पुलिस के सामने खोल दी।
नीरज ने पुलिस को सीता देवी के कत्ल वाली रात का सारा सच बता दिया। एएसपी समर बहादुर ने बताया कि सीता देवी की हत्या के जुर्म में उसके बेटे नीरज और उसकी प्रेमिका ऊष्मा को गिरफ्तार कर लिया है। नीरज ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसकी मां सीता देवी ने प्रयागराज पूरामुफ़्ती के मंदर गाव में हरीलाल की बेटी ऊष्मा से उसके रिश्ते की बात चलई थी।
रिश्ते के दौरान ऊष्मा और नीरज एक दूसरे से फोन पर बात करने लगे। सगाई के दिन मां सीता देवी की पूछताछ में ऊष्मा कुछ सवालों के जवाब नहीं दे सकी। इस कारण मां ने ऊष्मा से उसका रिश्ता तोड़ दिया, लेकिन वह और ऊष्मा एक साथ जीवन बिताने के सपने संजो चुका था।
नीरज इस बात से नाराज़ होकर मां से अलग अपनी बड़ी बहन के घर चरवा जाकर रहने लगा। हत्या वाली रात वह और उसमा घर पहुचे। मां सीता को बाहर चारपाई पर सोता देख उस पर हमला कर दिया। पहले उसकी गर्दन पर कई चाकू मारे। जब उसकी जान नहीं निकली तो पास पड़ी ईंट से उसका सिर कूच दिया।
मंगेतर ऊष्मा ने बताया कि उसकी होने वाली सास चाहती थी कि उसकी बहू कम से कम बीए पास हो। इसके अलावा सगाई वाले दिन भी इसी सवाल पर सास नाराज हो गई थी और घर जाकर रिश्ता खत्म करने का संदेशा भेज दिया।












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