कौशांबी: 30 करोड़ में किया था ठाकुर जी की 2 मूर्तियों को सौदा, 15 साल पहले बांदा के मंदिर से हुई थी चोरी

कौशांबी: 30 करोड़ में किया था ठाकुर जी की 2 मूर्तियों को सौदा, 15 साल पहले बांदा के मंदिर से हुई थी चोरी

कौशांबी, 17 सितंबर: बांदा जिले से करीब 15 साल पहले ठाकुर जी की दो अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गई थी। जिन्हें शुक्रवार 16 सितंबर को कौशांबी पुलिस ने बरामद करने में सफलता हासिल की है। बरामद हुई दोनों मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 95 करोड़ रुपए है। कौशांबी पुलिस ने दोनों मूर्तियों के साथ 10 तस्करों को भी पकड़ा हैं, जो दोनों मूर्तियों को फतेहपुर जिले के व्यक्ति के जरिये केरल राज्य के एक व्यापारी को करीब 30 करोड़ रुपए में बेचने वाले थे।

15 साल पहले बांदा जिले के एक मंदिर से की थी चोरी

15 साल पहले बांदा जिले के एक मंदिर से की थी चोरी

पुलिस अधीक्षक कौशांबी हेमराज मीणा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 108 किलोग्राम वजन वाली अष्टधातु की यह दो मूर्तियां करीब 15 साल पहले बांदा जिले के एक मंदिर से चोरी की गईं थीं। दस साल तक इन मूर्तियों को जमीन के अंदर दफन करके रखा गया था। इसके बाद यह मूर्तियां कर्वी लाई गईं। क्योंकि, तस्कर इन मूर्तियों को केरल के एक कारोबारी को बेचने की फिराक में थे। लेकिन, मुखबिर की सूचना पर महेवाघाट इंस्पेक्टर रोशनलाल ने पुलिस के बल के साथ यमुना ब्रिज पहुंचे और 10 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया।

95 करोड़ रुपए की दो मूर्तियां की बरामद

95 करोड़ रुपए की दो मूर्तियां की बरामद

दरअसल, मुखबिर ने पुलिस की सूचना दी थी कि 10 तस्कर चित्रकूट की तरफ से यमुना बि्ज के महेवाघाट छोर पर पहुंचने वाले है। सूचना पर इंस्पेक्टर रोशनलाल पुलिस बल के साथ पहुंच गए और 10 लोगों को रोककर उनकी तलाशी ली। इस दौरान उनके कब्जे से अष्टधातु की 2 मूर्तियां बरामद हुईं। इसमें से एक मूर्ति खंडित थी, जिसका वजन 46 किलो है। इसकी कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं, दूसरी मूर्ति सही मिली है, जिसका वजन लगभग 62 किलोग्राम है। मूर्ति की कीमत 85 करोड़ बताई जा रही है। आरोपियों के पास से 06 मोबाइल फोन भी बरामद हुए है।

10 सालों तक जमीन के अंदर दफन करके रखा था

पुलिस की मानें तो गिरोह का मास्टरमाइंड रामकिशोर विश्वकर्मा है। वो बांदा जिले के कमासिन थाना क्षेत्र के रानीपुर का रहना वाला है। पुलिस पूछताछ में बताया कि दोनों मूर्तियां 15 साल पहले बांदा जिले के एक गांव के मंदिर से चोरी की थी। जिसके बाद दोनों मूर्तियों को ग्राम अछाह थाना बबेरू जनपद बांदा में करीब 10 वर्षो तक जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया था। वहां से कर्वी मूर्तियां लाई गई थी उसके उपरान्त 4 सालों तक ग्राम गौहानी मजरा भुजौली थाना रैपुरा चित्रकूट में रखी गई थी। वहां, से राजापुर लाकर आज राम में मूर्तियों का सौदा करने था। बताया कि वारदात में शामिल रहे 2 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है।

पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार

पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार

लेकिन उससे पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि मूर्तियों को उस्मान उल्ला उर्फ चांदबाबू, संतोष कुमार पटेल, जीतेंद्र पासी, विपिन शुक्ला के माध्यम से फतेहपुर के एक इलाके में केरल के व्यापारी से 25 से 30 करोड़ में बेचने की बात की जा रही थी। बता दें कि पुलिस की गिरफ्त में आए तस्करों के नाम उस्मान उल्ला उर्फ़ चांद बाबू, रामकिशोर, राम प्रसाद, मुसद्दर, ननका, नीरज विश्वकर्मा, जीतेन्द्र शुक्ला, बाबू जी सोनकर, संतोष कुमार पटेल, विपिन शुक्ल बताया जा रहा है, जबकि पुलिस की गिरफ्त से फरार होने वाले बदमाश मुन्नू लाल और शंकर लाल बताए जा रहे हैं।

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