यूपी के तीसरे बड़े अपहरण कांड में कुएं में मिला बृजेश का शव, दोस्त ने हत्या कर मांगी थी 20 लाख की फिरौती
कानपुर। जून-जुलाई में उत्तर प्रदेश अपहरण की घटनाओं की वजह से सुर्खियों में है और योगी सरकार विरोधियों के निशाने पर है। कानपुर में संजीत यादव का अपहरण कर तीस लाख की फिरौती मांगी गई और फिर उसकी हत्या कर नदी में फेंक दी गई। संजीत की लाश पुलिस अभी तक बरामद नहीं कर पाई है। वहीं परिजनों का दावा है कि अपहर्ता तीस लाख से भरा बैग लेकर पुलिस की नाक के नीचे से फरार होने में कामयाब हो गए थे। इसके बाद गोरखपुर में पान व्यवसायी के 14 वर्षीय बेटे बलराम का अपहरण कर एक करोड़ की फिरौती मांगी गई और उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। कानपुर में ही 12 दिन पहले मैनेजर बृजेश पाल के अपहरण की घटना हुई जिसमें 20 लाख की फिरौती मांगी गई। अब इस घटना में भी बृजेश का शव कुएं से बरामद हुआ है।

कुएं से मिला बृजेश पाल का शव
कानपुर के भोगनीपुर थाना क्षेत्र में नेशनल धर्मकांटा के मैनेजर बृजेश पाल का 12 दिन पहले अपहरण हो गया था। अपहर्ताओं ने बृजेश के परिवार से 20 लाख की फिरौती मांगी थी। इसके बाद बृजेश के परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी थी। कानपुर देहात पुलिस मैनेजर बृजेश को तलाश नहीं पाई। 12 दिन बाद अब मैनेजर का शव कुएं से बरामद हुआ है। यह जुलाई के महीने में हुआ उत्तर प्रदेश का तीसरा बड़ा हत्याकांड है जिसमें अपहरण के बाद फिरौती मांगी गई। कानपुर देहात एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि 17 तारीख को 25 वर्षीय बृजेश के अपहरण की तहरीर प्राप्त हुई थी। इस घटना की जांच में पता चला है कि बृजेश के दोस्त सुबोध सचान ने इस घटना को अंजाम दिया है। सुबोध ने कोल्ड्र ड्रिंक में नींद की दवाई मिलाकर बृजेश के पिलाया और रस्सी से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। शव को गाड़ी में ले जाकर उसने कुएं में फेंक दिया। हत्या के बाद बृजेश के घरवालों से फिरौती मांगी गई थी।
Recommended Video

संजीत अपहरण-हत्याकांड
22 जून को कानपुर के लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का अपहरण हुआ। परिजनों ने उसके लापता होने का केस थाने में दर्ज कराया। 29 जून को तीस लाख की फिरौती कॉल आई तो इसके बाद पुलिस ने अपहर्ताओं को दबोचने का प्लान बनाया जो कि फेल हो गया। परिजनों का दावा है कि अपहर्ता 30 लाख रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गए और पुलिस पकड़ नहीं पाई। परिजनों और पुलिस के बीच तीस लाख को लेकर विवाद हुआ जिसमें पुलिस परिजनों के दावे को खारिज करती रही। पुलिस ने मामले में रामजी शुक्ला समेत 5 आरोपी की गिरफ्तारी की जिनसे पूछताछ में पता चला कि उन्होंने संजीत की हत्या कर लाश को पांडु नदी में फेंक दिया। पुलिस अब तक संजीत की लाश बरामद नहीं कर पाई है। संजीत की बहन इस घटना की सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं।

बलराम अपहरण-हत्याकांड
26 जुलाई को गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र निवासी पान व्यवसायी के 14 साल के बेटे बलराम का अपहरण कर लिया गया। व्यवसायी से अपहर्ताओं ने एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। सोमवार को बलराम की लाश घर से करीब सात किलोमीटर दूर नाले में मिली। उसकी लाश को बोरे में बंद कर वहां फेंका गया था। बलराम की निर्मम तरीके से हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है जिनकी निशानदेही पर बलराम के शव को पुलिस ने बरामद किया। कानपुर और गोरखपुर की घटना को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने योगी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

विरोधियों के निशाने पर योगी सरकार
कानपुर में बृजेश पाल के अपहरण और हत्या पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा - आज की सुबह अपहरण व हत्या की खबर से हुई और शाम भी इसी तरह की खबर से हो रही है। अब कानपुर देहात से ये दुःखद समाचार आया है। लगता है प्रदेश या तो संगठित अपराध के जाल में फंस गया है या फिर इसके पीछे कोई ऐसा है जो सत्ता से भी बड़ा हो गया है। संजीत अपहरण कांड को अखिलेश ने दुखद बताते हुए ट्विटर पर लिखा- अब कहां है दिव्य-शक्ति सम्पन्न लोगों का भयोत्पादक प्रभा-मण्डल व उनकी ज्ञान-मण्डली। गोरखुपर घटना पर अखिलेश यादव ने लिखा कि लगातार अपहरण और हत्याओं के बावजूद भी भाजपा सरकार का निर्लज्ज मौन और निष्क्रियता प्रश्नचिन्ह के घेरे में है। संजीत हत्याकांड को लेकर योगी सरकार पर हमला बोलते हुए इसे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में नया गुंडाराज कहा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि जंगलराज में कानून-व्यवस्था गुंडों के सामने सरेंडर कर चुकी है। यूपी में कानून-व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। गोरखपुर में बलराम अपहरण कांड पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा- हर दिन यूपी में गुंडाराज के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। सीएम के गृहक्षेत्र में यह घटना घटी है। मायावती ने भी घटना को यूपी में जंगलराज करार दिया और योगी सरकार से कानून-व्यवस्था सुधारने को कहा।












Click it and Unblock the Notifications