Rajasthan: ऑनलाइन शादी करने के छह माह बाद ससुराल जोधपुर पहुंची पाकिस्तानी दुल्हन
पाकिस्तान के मिरपुरखास की उरुज फातिमा और जोधपुर के मुजिम्मल खान ने दो जनवरी 2023 को ऑनलाइन शादी की थी। दुल्हन अब पहली बार बाघा बॉर्डर के जरिए भारत में ससुराल आई है।

यह अजब शादी की गजब कहानी है। इसमें दूल्हा भारतीय और दुल्हन पाकिस्तानी है। दोनों का निकाह मोबाइल पर हुआ और अब छह माह बाद दुल्हन पहली बार अपने ससुराल पहुंची है।
पाकिस्ताान के मिरपुरखास की रहने वाली उरुज फातिमा बाघा बॉर्डर के जरिए भारत दाखिल हुई और फिर राजस्थान के जोधपुर स्थित पति मुजिम्मल खान के घर पहुंची। दोनों ने दो जनवरी 2023 को मोबाइल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक-दूसरे से शादी रचाई थी।
दुल्हन के छह माह बाद ससुराल में पहुंचने पर दोनों के परिवारों ने केंद्रीय मंत्री व जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत का आभार जताया। सांसद ने उनको जल्द वीजा उपलब्ध करवाने में मदद की।
दूल्हे मुजिम्मल खान के दादा भाले खान मेहर ने कहा कि वीजा प्राप्त करने की लंबी प्रक्रिया है। अमूमन सात से आठ माह का समय लग जाता है, मगर हमारा परिवार केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को धन्यवाद कहना चाहेगा कि उन्होंने वीजा में समय नहीं लगने दिया।
भाले खान मेहर ने यह भी बताया कि जब वे पाकिस्तान गए थे तब लड़की उरुज और उनके परिवार ने मेहर के साथ अच्छा व्यवहार किया। ऐसे में उन्होंने उरुज के साथ अपने पोते मुजिम्मल की शादी तय कर दी थी। भारत पाकिस्तान के कई परिवारों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है।
मेहर कहते हैं कि भारत-पाकिस्तान के लोगों द्वारा एक-दूसरे के यहां रिश्तेदारी में आने जाने का एकमात्र जरिए थार एक्सप्रेस थी, जो जोधपुर के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से शुरू होकर मुनाबाव-खोखरापार से होते हुए पाकिस्तान में जाती थी। पुलवामा हमले के बाद से थार एक्सप्रेस बंद है।
उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण हवाई जहाज से दूसरे देशों से होकर भारत नहीं आ सके और इसलिए पोते की बहू को पंजाब स्थित बाघा बॉर्डर के जरिए भारत लाया गया है।












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