देश का पहला कार्बन कैप्चर प्लांट झारखंड में हुआ शुरू, ब्लास्ट फर्नेस गैस से राेज 5 टन कार्बन जुटाएगा
जमशेदपुर। टाटा स्टील द्वारा देश का पहला कार्बन कैप्चर प्लांट शुरू किया गया है। यह प्लांट झारखंड के जमशेदपुर वर्क्स में स्थापित हुआ है। यह ब्लास्ट फर्नेस गैस से राेजाना 5 टन कार्बन साेखकर एकत्रित करेगा, जिसका दाेबारा उपयाेग किया जाएगा। ब्लास्ट फर्नेस गैस से सीधे कार्बन कैप्चर की तकनीक अपनाने वाला टाटा देश का पहला इस्पात निर्माता है। टाटा की ओर से इस बारे में जानकारी दी गई कि, जमशेदपुर स्टील कारखाने में कार्बन कैप्चर प्लांट चालू हाे गया है।

देश की पहली ऐसी इस्पात कंपनी बन गई टाटा
इस प्लांट की स्थापना के साथ टाटा कार्बन कैप्चर तकनीक अपनाने वाली देश की पहली स्टील कंपनी बन गई है। बताया जा रहा है कि, टाटा स्टील सकरुलर कार्बन इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए साइट पर कैप्चर किए गए सीओ-2 को फिर से उपयोग करेगा।
यह कार्बन कैप्चर एंड यूटिलाइजेशन (सीसीयू) सुविधा अमीन-आधारित तकनीक का उपयोग करता है और कैप्चर किए गए कार्बन को ऑनसाइट फिर से उपयोग के लिए उपलब्ध कराता है। घटी हुई सीओ-2 गैस को बढ़े हुए ऊष्मीय मान के साथ गैस नेटवर्क में वापस भेज दिया जाता है।

एक अधिकारी ने बताया कि, इस प्रोजेक्ट को कार्बन क्लीन के तकनीकी समर्थन से किया गया है, जो कम लागत वाली सीओ-2 कैप्चर तकनीक में एक वैश्विक कंपनी है। उन्होंने बताया कि, जमशेदपुर वर्क्स में 5 टन प्रति दिन (टीपीडी) कार्बन कैप्चर प्लांट चालू किया गया, जिससे बहुत फायदा होगा। बता दिया जाए कि, उक्त सीसीयू प्लांट का उद्घाटन टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन ने कंपनी के अधिकारियों और अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में किया है। नरेंद्रन ने कहा कि, टाटा ग्रूप के अग्रणी मूल्यों के अनुरूप, हमने डीकाबोर्नाइजेशन की दिशा में अपनी यात्रा में यह रणनीतिक कदम उठाया है।
टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा, ''हम बेहतर कल के लिए नए मानक स्थापित कर के स्थिरता में उद्योग के सबसे आगे बने रहने की अपनी खोज को जारी रखेंगे।' उन्होंने कहा कि, इस 5 टीपीडी सीओ2 कैप्चर प्लांट से प्राप्त परिचालन अनुभव हमें भविष्य में बड़े कार्बन कैप्चर प्लांट स्थापित करने के लिए आवश्यक डेटा और आत्मविश्वास देगा।'' उन्होंने कहा, ''अगले स्टेप के तौर पर हम उपयोग के रास्ते के साथ एकीकृत सीओ 2 कैप्चर की बढ़ी हुई सुविधाओं को स्थापित करना चाहते हैं।''
वहीं, कार्बन क्लीन के सीईओ अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि, हमें इस सफल प्रोजेक्ट पर टाटा स्टील के साथ काम करने की खुशी है। उन्होंने कहा कि, फिलहाल हम रोजाना 5 टन सीओ-2 प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही हम तेजी से कार्बन कैप्चर प्रोजेक्ट्स की मात्रा बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि, ब्लास्ट फर्नेस गैस से सीओ-2 को कैप्चर करने से न केवल स्टील प्लांट्स को डीकाबोर्नाइज किया जाएगा, बल्कि हाइड्रोजन इकोनॉमी के रास्ते भी खुलेंगे।












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