झारखंड सरकार जल्द ही करीब 30 हजार वकीलों को देने वाली है बड़ी सौगात
झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार ने वकीलों के कल्याण की ओर ध्यान दिया है। अब उनकी स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा पर विचार किया जा रहा है। साथ ही पेंशन फंड में पैसे देने की भी बात कही गई है।

झारखंड सरकार राज्य के वकीलों की समस्याओं और उनकी जरूरतों को लेकर बहुत ही संवेदनशील है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर हाल ही में राज्य में पहली बार 'मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद' जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में सीएम सोरेन ने राज्य के वकीलों के कल्याण के लिए कई तरह की घोषणाएं भी की हैं। राज्य में करीब 30 हजार वकील कार्यरत हैं, लेकिन ज्यादातर की आर्थिक दशा बहुत अच्छी नहीं बताई जाती है। ऐसे में सोरेन सरकार की ओर उनकी ओर मदद का हाथ बढ़ाया जा रहा है।
वकीलों के लिए दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा योजना
झारखंड सरकार राज्य के वकीलों के लिए दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने वाली है। इसके तहत वकील और उनके परिवार के लोगों को 5 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। यही नहीं, राज्य सरकार की ओर से ऐलान किया गया है कि 65 साल से ज्यादा उम्र के रिटायर्ड वकीलों को झारखंड अधिवक्ता संघ के कल्याण कोष से जितनी पेंशन मिलती है, उतनी ही राशि राज्य सरकार भी उस फंड में जमा करेगी।
हर जिले में नए सिरे से विकसित होंगे बार कॉम्प्लेक्स
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य के हर जिले में बार कॉम्प्लेक्स को नए सिरे से विकसित करने की भी बात कही है। अब बार कॉम्प्लेक्स में लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, मीटिंग हॉल और महिलाओं की जरूरतों का ख्याल रखते हुए सारी सुविधाओं का इंतजाम किया जाएगा। सीएम सोरेन के साथ हुए इस संवाद कार्यक्रम में प्रत्येक जिलों के बार काउंसिल के मेंबर, एपीपी और बाकी वकील मौजूद थे। एक बड़ी बात राज्य सरकार ने यह भी कही है कि वह अधिवक्ता (संरक्षण) कानून बनाने के लिए बाकी राज्यों के साथ भी संपर्क कर रही है। मुख्यमंत्री ने खुद माना है कि प्रदेश के करीब 30 हजार कार्यरत वकीलों में से अधिकतर की हालत दयनीय बनी हुई है।
वकीलों को बाकी योजनाओं का भी लाभ
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नोटरी वकीलों के निर्धारण के लिए भी जल्द ही विज्ञापन जारी करने की जानकारी दी है। इसमें जिस वर्ग का प्रतिनिधित्व फिलहाल कम है, उन्हें प्राथमिकता दिए जाने का भी ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री की ओर से राज्य के वकीलों को भरोसा देने की कोशिश की गई है कि उनकी सरकार की अधिकतर योजनाओं में इस पेशे से जुड़े लोगों और उनके परिवारों के कल्याण का भी ख्याल रखा गया है।
मसलन, एकलव्य प्रशिक्षण योजना, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना या मॉडल स्कूलों का लाभ समाज के अन्य वर्गों के साथ ही वकीलों के परिवारों और उनके बच्चों को भी मिल रहा है। यदि वकीलों के बच्चे भी इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ जैसी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे तो कोचिंग का सारा खर्च राज्य सरकार उठाने के लिए तैयार खड़ी है। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत वकीलों के बच्चे भी 15 लाख रुपए तक की शिक्षा ऋण ले सकते हैं।












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