'एक बार बस हेमंत सोरेन बोल दें कि वो घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे', हिमंत बिस्वा सरमा ने JMM पर साधा निशाना
असम के मुख्यमंत्री और झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के सह-प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा ने दिवाली के दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग उनकी सरकार से तंग आ चुके हैं। सरमा ने सोरेन से यह भी कहा कि वह घोषणा करें कि वह राज्य से सभी घुसपैठियों को निकाल देंगे। उन्होंने राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का भी भरोसा जताया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "लोग JMM सरकार से त्रस्त हैं मुझे विश्वास है कि इस बार बहुत अच्छे से भाजपा सरकार बन जाएगी। एक बार बस हेमंत सोरेन बोल दें कि वो घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे। हमारा युद्ध समाप्त हो जाएगा। चाहे गलती किसी की हो उन्हें बोलना चाहिए कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर वो घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे।"

हिमंत बिस्वा सरमा बोले- कल्पना सोरेन सिर्फ पारिवारिक मामलों पर फोकस करती हैं
हिमंत बिस्वा सरमा ने हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन की आलोचना करते हुए कहा कि वे केवल अपने पारिवारिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि भाजपा झारखंड में सभी लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देती है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "झारखंड में उत्साह का माहौल है और भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ जीतने के लिए तैयार है। हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन केवल अपने परिवार के बारे में बात करते हैं, जबकि हम पूरे झारखंड के लिए बोलते हैं।'' उन्होंने कहा, "हम अच्छी संख्या में वोटों के साथ एक मजबूत जीत हासिल करेंगे।" मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बरहेट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे।
JMM नेता कल्पना सोरेन ने महीने की शुरुआत में गांडेय विधानसभा क्षेत्र से अपनी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। कल्पना सोरेन वर्तमान में गांडेय निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
सत्यानंद झा के निर्दलिय चुनाव लड़ने पर क्या बोले हिमंत बिस्वा सरमा?
भाजपा नेता सत्यानंद झा के झारखंड विधानसभा चुनाव के निर्दलिय नामांकन दाखिल करने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "हम पार्टी से एक ही व्यक्ति को टिकट दे सकते थे, हम इन्हें टिकट नहीं दे पाए इसलिए झा जी नाराज हो गए और निर्दलिय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया। उन्होंने नामांकन भी कर दिया। इस बार भाजपा के लिए सरकार बनाना बहुत जरूरी है, झारखंड के लिए जरूरी है। मैं यहां झा जी से आग्रह करने आया था कि आप नामांकन वापस लेकर पार्टी की मदद करें। हमने ये भी कहा है कि झा को राज्य या केंद्र सरकार में अच्छा सम्मानित पोस्ट देंगे। वो बहुत पुराने कार्यकर्ता हैं... झा जी अपने कार्यकर्ता के साथ बात कर फैसला लेंगे।"
झारखंड विधानसभा की 81 सीटों के लिए 13 नवंबर और 20 नवंबर को दो चरणों में चुनाव होंगे, जबकि वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी। झारखंड में कुल 2.60 करोड़ मतदाता वोट डालने के पात्र हैं, जिनमें 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता और 1.29 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं।
राज्य में 11.84 लाख पहली बार वोट देने वाले मतदाता हैं और 66.84 लाख युवा मतदाता हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 30 सीटें जीती थीं, भाजपा ने 25 और कांग्रेस ने 16 सीटें जीती थीं।












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