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झारखंड चुनाव 2024: क्या PM आवास योजना की काट बन पाएगी हेमंत की अबुआ आवास योजना?

Jharkhand Chunv 2024 Abua Awas scheme: झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ हेमंत सोरेन सरकार ने सरकरी खजाना खोल दिया है। अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 'प्रधानमंत्री आवास योजना' को टक्कर देने के लिए राज्य में 'अबुआ आवास योजना' पर जोर दे रहे हैं।

15 नवंबर 2023 को शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ से वंचित लोगों को घर मुहैया कराना है। हेमंत सोरेन सरकार का कहना है कि अब गरीब आदिवासियों को जल्द ही पक्के घर मिलने वाले हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रायोजित आवास योजना के तहत उनके पक्के घर का निर्माण शुरू हो गया है।

Jharkhand Chunv 2024 Abua Awas scheme

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अबुआ आवास योजना की लाभार्थी बोली- खुश हूं क्योंकि छत से पानी नहीं टपकेगा

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रांची के कांके ब्लॉक में रहने वाली महिला करमेला लिंडा ने इस बात की खुशी जताई है कि बरसात के मौसम में अपने मिट्टी के घर की छत से टपकने वाली परेशानी से अब उन्हें नहीं जूझना पड़ेगा...क्योंकि उनके पक्के घर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। लिंडा झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी आवास परियोजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बरसात के मौसम में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है क्योंकि वे फूस की छत वाले मिट्टी के घर में रहती हैं।

करमेला लिंडा ने कहा, "बारिश के दौरान छत के एक हिस्से से पानी टपकता है। अब मैं खुश हूं क्योंकि अबुआ आवास योजना के तहत मेरे घर का निर्माण शुरू हो गया है।"

रांची के कांके ब्लॉक की एक अन्य लाभार्थी कुशीला तिर्की ने कहा, "मैं इस तरह की पहल और हमारे जीवन को बदलने के लिए हमारे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को धन्यवाद देना चाहती हूं।"

लिंडा अकेली नहीं हैं, बल्कि इस योजना के तहत हजारों लाभार्थियों को घर के निर्माण के लिए पहली किस्त मिली है और पक्के घर का उनका सपना जल्द ही हकीकत में बदल जाएगा।

भारी बारिश के दौरान ढहने वाले मिट्टी के घरों की अस्थिरता को झेलने वाले लाभार्थी अब इस पहल को न केवल अपने लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक सुरक्षित भविष्य के मार्ग के रूप में देख रहे हैं।

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झारखंड सरकार का लक्ष्य, अगले पांच सालों में बेघरों को घर मुहैया कराना

झारखंड सरकार का लक्ष्य अगले पांच सालों में गरीबों और बेघरों को घर मुहैया कराना है। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने शनिवार को एक सरकारी कार्यक्रम में कहा, "हमने केंद्र से राज्य के गरीबों को अतिरिक्त आठ लाख घर मुहैया कराने का बार-बार आग्रह किया था। लेकिन, उन्हें नहीं दिए गए। फिर, हमने राज्य के खजाने से गरीबों के लिए घर बनाने का फैसला किया।"

हेमंत सोरन की सरकार का दावा है कि केंद्र सरकार द्वारा झारखंड के गरीबों को आवास देने से इंकार करने के बाद हम अपने स्तर पर यह योजना लेकर आए हैं। जिसके तहत सरकार का लक्ष्य 2027 तक हर परिवार को तीन कमरों वाला पक्का मकान देना है।

हेमंत सोरेन का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा दिए आवास बहुत छोटे होते हैं इसलिए अबुआ आवास के अंतर्गत लोगों को सम्मानजनक जिंदगी जीने के लिए 3 कमरों का आवास दिया जा रहा है।

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कैसे होंगे अबुआ आवास योजना वाले घर?

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य द्वारा बनाए जाने वाले घर तीन कमरों वाले होंगे और उनमें अन्य सुविधाएं भी होंगी, जो केंद्र प्रायोजित घरों से बेहतर होंगी। इस योजना को 2000 में झारखंड के गठन के बाद अपनी तरह की पहली पहल बताया जा रहा है।

सरकार ने पिछले साल शुरू किए गए अपने आउटरीच कार्यक्रम 'आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार' के दौरान घरों के लिए आवेदन जुटाए थे। इस योजना के लिए 30 लाख से अधिक आवेदन जुटाए गए थे। कुल मिलाकर, 20 लाख वास्तविक लाभार्थी होने का अनुमान है।

सरकार ने चरणबद्ध तरीके से सभी को घर मुहैया कराने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी को आवास इकाइयों के लिए 1.20 लाख रुपये मिलते हैं, जबकि झारखंड सरकार तीन कमरों का घर बनाने के लिए 2 लाख रुपये देती है।

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'अबुआ आवास योजना' क्या चुनाव में हेमंत को कराएगी फायदा?

अब सवाल ये है कि क्या 'अबुआ आवास योजना' आगामी चुनाव में हेमंत सोरेन सरकार को फायदा कराएगी। असल में अबुआ आवास योजना के तहत आदिवासी समुदाय और अन्य कमजोर वर्गों को ध्यान में रखकर लाभर्थी तय किए जाते हैं। वहीं पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों का चयन आय सीमा, सामाजिक-आर्थिक जनगणना और अन्य मानदंडों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में संभावना है कि आदिवासी समुदाय को 'अबुआ आवास योजना' से ज्यादा फायदा मिले।

रिपोर्ट के मुताबिक 2023- 24 में 2 लाख, 2024- 25 में साढ़े चार लाख, 2026- 27 में भी साढ़े चार लाख घर आवास निर्माण की स्वीकृति दी जानी है। हालांकि 2023- 24 में दो लाख आवास निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। दूसरी ओर केंद्र की मोदी सरकार ने पीएमएवाई-जी योजना के तहत झारखंड में 1,13,400 घरों को मंजूरी दी है।

ऐसे में झारखंड में पीएम आवास योजना और अबुआ आवास योजना दोनों का उद्देश्य आवास की कमी को दूर करना है, लेकिन जनता उनपर ही अपना भरोसा जताएगी...जो ये भरोसा दिलाए कि उनका काम जल्द और सही तरीके से किया जाएगा।

(नोट: पीटीआई इनपुट के साथ)

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