Jharkhand Chunav 2024: पहले राउंड में NDA से इस मायने में पिछड़ता दिख रहा है INDIA bloc
Jharkhand Assembly Elections 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर सत्ताधारी इंडिया ब्लॉक को सीट बंटवारे में देरी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि लाख कोशिशों के बावजूद राजनीतिक दलों ने गठबंधन की मर्यादा तोड़कर एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए हैं। इससे इन सीटों पर विपक्षी एनडीए का काम आसान हो सकता है। क्योंकि, उनके सहयोगियों के बीच इस मायने में गजब की तालमेल दिख रही है।
झारखंड में विधानसभा की 81 सीटें हैं। इनमें से इंडिया ब्लॉक के बीच सीटों का बंटवारा इस तरह से हुआ है- जेएमएम 42, कांग्रेस 30, आरजेडी 6, सीपीआई (एमएल) 3 सीट। लेकिन, तीन सीटें ऐसी हैं, जहां सहयोगी दलों ने एक-दूसरी पार्टियों के खिलाफ भी उम्मीदवारों को टिकट दे दिया है।

तीन सीटों पर आपस में भिड़ गया इंडिया ब्लॉक
झारखंड में इंडिया ब्लॉक में गठबंधन की आपसी लड़ाई की स्थिति जिन विधानसभा सीटों पर पैदा हुई हैं, वे हैं- धनवार, बिश्रामपुर और छतरपुर (SC)। जिन दलों ने अपने ही सहयोगी दलों के खिलाफ प्रत्याशी उतारे हैं, वे हैं- कांग्रेस, आरजेडी और सीपीआई (एमएल)।
धनवार में जेएमएम की सीट पर सीपीआई (एमएल) अड़ी
इनमें से सबसे प्रमुख सीट धनवार को मान सकते हैं, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी चुनाव लड़ रहे हैं। आपसी तालमेल के तहत यह सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा को मिली है। हेमंत सोरेन की पार्टी ने यहां पर निजामुद्दीन अंसारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है।
लेकिन, सीपीआई (एमएल) भी इस सीट पर अपना दावा कर रही थी। उसने भी राजकुमार यादव को अपना प्रत्याशी बना दिया है। दोनों दलों के बीच नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन तक बातचीत चलती रही, लेकिन नतीजा नहीं निकला।
सीपीआई (एमएल) के प्रदेश सचिव मनोज भक्त का कहना है, 'हमें यह जानकारी देते हुए खेद है कि कई दौर की बातचीत के बाद भी सहयोगी दलों के बीच धनवार सीट का मुद्दा नहीं सुलझ सका। हम उन सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जहां हमारे प्रत्याशियों की जीत की बहुत ज्यादा संभावना है।'
कांग्रेस और राजद दो सीटों पर आपस में भिड़ गए
इनके अलावा अन्य दो सीटें बिश्रामपुर और छतरपुर (सुरक्षित) हैं। यहां कांग्रेस और राजद दोनों ने ही अपने उम्मीदवार उतारे हैं। गठबंधन के तहत बिश्रामपुर आरजेडी को दी गई है और उसने नरेश प्रसाद सिंह को उतारा है। लेकिन कांग्रेस ने सुधीर चंद्रवंशी को उतारकर गठबंधन का गेम बिगाड़ दिया है। इनमें से कोई भी नामांकन वापसी के लिए भी तैयार नहीं हुआ।
इंडिया ब्लॉक में दोस्ताना मुकाबला तय
क्योंकि, कांग्रेस ने आरजेडी को मिली सीट पर अपने उम्मीदवार दे दिए तो लालू यादव की पार्टी ने छतरपुर में अपना उम्मीदवार भी खड़ा कर दिया। राजद ने कांग्रेस के राधाकृष्ण किशोर के खिलाफ विजय कुमार को टिकट दिया है। इन दोनों सीटों पर ही पहले चरण में 13 नवंबर को चुनाव है और अब इनके बीच दोस्ताना मुकाबला तय है।
जहां तक धनवार सीट की बात है तो वहां दूसरे चरण में 20 नवंबर को वोटिंग है। नाम वापसी के लिए एक दिन का समय बचा है। अगर दोनों दलों के बीच कोई रास्ता नहीं निकला तो यहां भी गठबंधन के प्रदर्शन पर ग्रहण लगना तय लग रहा है।
सीटों के बंटवारे पर बातचीत में देरी से दिक्कत- आरजेडी
झारखंड में इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों के बीच इस तरह के संघर्ष के बारे में आरजेडी नेता मनोज झा ने अंग्रेजी अखबार ईटी से कहा है, 'सीटों पर बंटवारे की बातचीत पहले ही शुरू होनी चाहिए थी। इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी दलों को संतुष्ट होना चाहिए था।'
हालांकि उनका दावा है कि 'फिर भी, मतदाता निर्णायक तौर पर इंडिया ब्लॉक के पक्ष में मतदान करेंगे और नतीजे इंडिया के दलों के बीच गठबंधन को और मजबूत करेंगे।' झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती का काम 23 नवंबर को होगा और उसी दिन नतीजे आ जाएंगे।












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