Durga Puja: जेल में प्रकट 'मां दुर्गा'! जय-वीरू पर जेलर की नजर, कौन है मुस्लिम भाई, जिसकी सूई का बड़ा कमाल
Durga Puja 2025: 'अरे ओ सांभा, कितना इनाम रखे हैं सरकार हम पर?' इस बार नवरात्रि (Navratri) पर धनबाद में मां दुर्गा का पंडाल शोले के रंग में रंगा है। मनईटांड़ नवयुवक संघर्ष समिति ने अपने 53वें दुर्गा पूजा उत्सव को फिल्मी तड़के के साथ सजाया है। थीम? सुपरहिट फिल्म शोले का 50वां जश्न। पंडाल बना है- गब्बर की जेल, जहां विराजमान है मां दुर्गा। जेलर साहब सुरक्षा में तैनात हैं।
अब जय-वीरू कैसे अंदर पहुंचेंगे? बसंती की रक्षा क्या मां दुर्गा करेंगी? और हां, इस फिल्मी सेट का हीरो है- अयूब अंसारी, जिन्होंने सारे किरदारों के कपड़े सिलकर पंडाल को जिंदा कर, हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की। Oneindia Hindi से सचिव संजय सिन्हा ने खास बातचीत में कई चीजों से पर्दा उठा। तो चलिए, आपको ले चलते हैं इस पंडाल में...

Dhanbad Durga Pandal: शोले की जेल में मां दुर्गा का दर्शन!
धनबाद के मनईटांड़ में हर साल की तरह इस बार भी दुर्गा पूजा की धूम है। लेकिन 2025 का जश्न खास है - नवयुवक संघर्ष समिति ने पंडाल को शोले की थीम दी है। गेट पर अंग्रेजों के जमाने की जेल, मंच पर थर्मोकोल और बांस से बने गब्बर, जेलर, जय और वीरू के किरदार नजर आएंगे। मां दुर्गा का आशीर्वाद भक्तों को 1975 की उस ब्लॉकबस्टर फिल्म में ले जाएगा। खास बात? ये पूरी तरह ईको-फ्रेंडली है, प्राकृतिक रंगों और सामग्री से बना। पंडाल में एक बार में 200 लोग मां के दर्शन कर सकते हैं।

Who Is Muslim Man Ayub Ansari: अयूब भाई का कमाल, सजी शोले की दुनिया!
इस पंडाल की जान हैं अयूब अंसारी। क्योंकि, इन्होंने पंडाल के कपड़े सिलकर किरदारों को जीवंत किया। समिति के सचिव संजय सिन्हा बताते हैं- '1972 से हमारी समिति थीम पंडालों के लिए मशहूर है। इस बार शोले की 50वीं सालगिरह को सेलिब्रेट कर रहे हैं। अयूब भाई ने पंडाल के कपड़े इतनी बारीकी से सिल दिए कि लोग देखकर दंग हैं।' पंडाल का बजट? 5-6 लाख रुपये। इसे तैयार करने में 45 लोगों की मेहनत और 1 महीने से ज्यादा का वक्त लगा।

कौन बना रहा ये फिल्मी जादू?
- मूर्तिकार: देव और उनकी टीम ने मां दुर्गा, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, असरानी और बसंती की मूर्तियां बनाईं।
- आर्ट डायरेक्टर: श्यामल सेन (भावना आर्ट्स) ने जेल की थीम को हकीकत में बदला।
- सहयोगी: उपेंद्र और महादेव ने डिजाइन में दी जान।
- समिति के सितारे: अध्यक्ष शैलेश सिंह, सचिव संजय सिन्हा, उपाध्यक्ष पंकज चौरसिया, कोषाध्यक्ष कुंदन साव, और 20+ सदस्यों की फौज।

मूर्तियों का क्या होगा?
मां दुर्गा की मिट्टी की मूर्ति को पूजा के बाद विसर्जित किया जाएगा। थर्मोकोल से बने जय-वीरू और बाकी किरदार नगर निगम को सौंप दिए जाएंगे, ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो।

धनबाद की धूम, भक्तों का जोश!
अध्यक्ष शैलेश सिंह कहते हैं- 'धनबाद और आसपास के लोग इस पंडाल को देखने बेताब हैं। हर साल हम भक्तों के लिए कुछ नया लाते हैं, और इस बार शोले का जादू बिखेर रहे हैं।' पिछले साल इस पंडाल में करीब 50,000 लोग दर्शन करने आए थे, और इस बार 60,000 से ज्यादा की उम्मीद है।
'Sholay' का सबक: एकता और भक्ति का संगम!
ये पंडाल सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि एकता का भी प्रतीक है। अयूब अंसारी जैसे मुस्लिम भाई का योगदान दिखाता है कि भक्ति और कला में कोई धर्म की दीवार नहीं। तो, क्या आप तैयार हैं इस शोले वाली जेल में मां दुर्गा के दर्शन करने? कमेंट में बताएं...
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