Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Durga Mata ki Aarti: इस आरती बिना अधूरी है नवरात्रि की पूजा, जरूर करें इसका पाठ, भरी रहेगी तिजोरी

Shardiya Navratri 2025 , Durga Mata ki Aarti : शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरूआत आज से हो गई है, इस बार का नवरात्र पूरे 10 दिन का है। सुबह से मंदिर में मां शेरावाली के जयकारे गूंज रहे हैं, चारों ओर 'जय माता दी' का उदघोष है। कहते हैं मां दुर्गा की आराधना में मंत्र, स्तोत्र, पाठ और विशेष रूप से आरती का बहुत महत्व होता है। आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। दुर्गा माता की आरती करने से साधक के जीवन में शक्ति, सुख-समृद्धि और आत्मबल का संचार होता है।

Durga Mata ki Aarti

दुर्गा मां की आरती (Durga Mata ki Aarti)

  • जय अंबे गौरी,
  • मैया जय श्यामा गौरी ।
  • तुमको निशदिन ध्यावत,
  • हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • मांग सिंदूर विराजत,
  • टीको मृगमद को ।
  • उज्ज्वल से दोउ नैना,
  • चंद्रवदन नीको ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • कनक समान कलेवर,
  • रक्ताम्बर राजै ।
  • रक्तपुष्प गल माला,
  • कंठन पर साजै ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • केहरि वाहन राजत,
  • खड्ग खप्पर धारी ।
  • सुर-नर-मुनिजन सेवत,
  • तिनके दुखहारी ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • कानन कुण्डल शोभित,
  • नासाग्रे मोती ।
  • कोटिक चंद्र दिवाकर,
  • सम राजत ज्योती ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • शुंभ-निशुंभ बिदारे,
  • महिषासुर घाती ।
  • धूम्र विलोचन नैना,
  • निशदिन मदमाती ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • चण्ड-मुण्ड संहारे,
  • शोणित बीज हरे ।
  • मधु-कैटभ दोउ मारे,
  • सुर भयहीन करे ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • ब्रह्माणी, रूद्राणी,
  • तुम कमला रानी ।
  • आगम निगम बखानी,
  • तुम शिव पटरानी ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • चौंसठ योगिनी मंगल गावत,
  • नृत्य करत भैरों ।
  • बाजत ताल मृदंगा,
  • अरू बाजत डमरू ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • तुम ही जग की माता,
  • तुम ही हो भरता,
  • भक्तन की दुख हरता ।
  • सुख संपति करता ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • भुजा चार अति शोभित,
  • वर मुद्रा धारी । [खड्ग खप्पर धारी]
  • मनवांछित फल पावत,
  • सेवत नर नारी ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • कंचन थाल विराजत,
  • अगर कपूर बाती ।
  • श्रीमालकेतु में राजत,
  • कोटि रतन ज्योती ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • श्री अंबेजी की आरति,
  • जो कोइ नर गावे ।
  • कहत शिवानंद स्वामी,
  • सुख-संपति पावे ॥
  • ॐ जय अम्बे गौरी..॥
  • जय अम्बे गौरी,
  • मैया जय श्यामा गौरी ।

दुर्गा माता की आरती का महत्व (Durga Mata ki Aarti)

आरती के समय दीपक की लौ और शंख-घंटियों की ध्वनि वातावरण को शुद्ध कर देती है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। आरती मन को शांति प्रदान करती है तो वहीं ये माता के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी है। दुर्गा माता की आरती करने से भय, रोग और शत्रु से रक्षा होती है औप पूजा पूर्ण होती है।

Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+