Bandipora: कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश जारी! गुरेज घाटी में बर्फीले तूफान से एक घर तबाह
Bandipora: जम्मू-कश्मीर के गुरेज घाटी के खंडयाल गांव में गुरुवार दोपहर एक बड़ा बर्फीला तूफान (हिमस्खलन) आया, जिससे इलाके के कई रिहायशी घर प्रभावित हुए। प्रशासन के मुताबिक, एक घर को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई हताहत या घायल होने की खबर नहीं है।
बर्फीले तूफान के बाद, प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। राजस्व विभाग की टीमें इलाके में भेजी गई हैं ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके। स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि क्षेत्र में अभी भी बर्फबारी जारी है।

एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुरेज घाटी में 4 से 5 फीट तक ताजा बर्फबारी हुई है, जबकि तुलैल क्षेत्र में करीब 6 इंच बर्फ गिरी है। इससे सड़कों और रास्तों पर आवाजाही में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
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कश्मीर के अन्य इलाकों में भी भारी बर्फबारी और बारिश
गुरेज घाटी के अलावा, जम्मू-कश्मीर के कई अन्य जिलों में लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। उधमपुर जिले में बीते दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग (IMD) ने भविष्यवाणी की है कि 28 फरवरी तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा। श्रीनगर में भी गुरुवार को ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। visuals में स्थानीय लोग छतरियों का इस्तेमाल करते हुए नजर आए।
इसके अलावा, कुपवाड़ा जिले के निचले इलाकों जैसे मुकामीशाहवाली और द्रुगमुल्ला में भी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। सर्दी और बर्फबारी के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
हिमाचल प्रदेश के 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 27 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के चार जिलों - चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी मौसम के इसी तरह बने रहने की संभावना है।
यात्रा को लेकर प्रशासन की चेतावनी
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा बलों और प्रशासन ने कहा है कि राहत दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी, और जरूरत पड़ने पर आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।
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