जम्मू IAF बेस हमला: चीनी जीपीएस ड्रोन से गिराई गई IED में मिला RDX
जम्मू, जुलाई 05: जम्मू में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) स्टेशन पर ड्रोन द्वारा बम गिराए जाने के कुछ दिनों बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों ने कथित तौर पर कहा है कि गिराई गईं दोनों आईईडी में आरडीएक्स और नाइट्रेट सहित विस्फोटक सामग्री का एक कॉकटेल इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा फोरेंसिक विशेषज्ञों ने बताया कि, हर आईईडी डेढ़ किलो वजन के आसपास का था। हमले में चीनी जीपीएस ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था।
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इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की एक रिपोर्ट में जम्मू एयरबेस पर गिराए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज(आईईडी) में आरडीएक्स और नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। ये आरडीएक्स भारत में उपलब्ध नहीं है। इसे पाकिस्तान से मंगवाया गया है। यह सबूत साफ तौर पर इंगित करते हैं कि, हमले में पाकिस्तान की भूमिका है।
सूत्रों ने बताया कि, एक आईईडी आकार में बड़ा था। इसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना था। दूसरे आईईडी का उद्देश्य अधिक स्प्लिंटर्स और बॉल बेयरिंग से सैन्य कर्मियों को घायल करना था। सूत्रों ने बताया कि जम्मू वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले में 'मेड इन चाइना' जीपीएस ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। पिछले हफ्ते, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा था कि ड्रोन के जरिए हथियार, विस्फोटक तथा मादक पदार्थ गिराने के पीछे पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद का हाथ है।
मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया है। भारतीय वायु सेना स्टेशन पर अपनी तरह के पहले आतंकी हमले की जांच गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंपने का निर्णय लिया। इससे पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भारतीय हाईकमीशन में भी ड्रोन देखा गया था। भारत ने इसे सुरक्षा में सेंध करार देते हुए पाकिस्तान को घेरा है।












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