J&K के इस गांव ने बनाया रिकॉर्ड, खानाबदोश आबादी के बावजूद 100% वैक्सीनेशन
बांदीपुरा, 8 जून: जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा जिले में दूर-दराज इलाके का एक गांव देश का ऐसा पहला गांव बन गया है, जिसकी सभी व्यस्क आबादी को कोरोना का टीका लगा दिया गया है। इस कामयाबी का श्रेय हेल्थकेयर वर्कर्स को जाता है, जिनकी मुस्तैदी से बहुत बड़ा काम पूरा हुआ है। इस मिशन पर गए 10 लोगों की टीम को 18 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर ही पूरी करनी पड़ी और दो दिनों तक उस गांव में रहकर यह काम पूरा किया गया। 12 हफ्तों बाद दूसरी डोज के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को एकबार फिर से यह कवायद करनी पड़ेगी।

खानाबदोशों के गांव में 100% वैक्सीनेशन
जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा जिले का एक छोटा सा गांव वेयान आज देश के वैक्सीनेशन मैप पर सबसे ऊपर पहुंच गया है । इस गांव में व्यस्कों की कुल जनसंख्या 362 है और सभी को कोविड का टीका लगा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, 'यह गांव बांदीपुरा जिला मुख्यालय से 28 किलोमीटर दूर है, लेकिन 18 किलोमीटर की दूरी पैदल ही पूरी करनी पड़ती है, क्योंकि वाहन चलने लायक कोई सड़क नहीं है...' लेकिन, 100 फीसदी वैक्सीनेशन की चुनौती इससे भी बड़ी थी। यह गांव खानाबदोश परिवारों का गांव है, जो अपने पशुओं और मवेशियों को घास चराने के लिए ऊपरी इलाकों में लेकर चले जाते हैं और उन्हें टीका लगवाने के लिए एकसाथ जुटा पाना बहुत ही मुश्किल है।

'जम्मू और कश्मीर मॉडल'
इस मिशन को अंजाम देने के लिए हेल्थकेयर वर्कर्स को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा इसकी जानकारी देते हुए बांदीपुरा के चीफ मेडिकल ऑफिसर बशीर अहमद खान ने कहा है, 'उस गांव में इंटरनेट की सुविधान उपलब्ध नहीं है। इसलिए वहां के निवासियों के लिए वैक्सीनेशन के लिए अप्वाइंटमेंट लेना उस तरीके से संभव नही है, जैसे कि शहरी इलाकों के लोग कर लेते हैं।' लेकिन, फिर भी 'जम्मू और कश्मीर मॉडल' के तहत इस गांव में वैक्सीनेशन का काम पूरा कर लिया गया है, जो 10-सूत्री रणनीति पर आधारित है, जिसके तहत पूरी योग्य आबादी को तेजी के साथ टीकाकरण करना है। वैक्सीन को लेकर शुरुआती हिचकिचाहट के बावजूद 45 से ज्यादा उम्र की श्रेणी में जम्मू और कश्मीर ने 70 फीसदी टीकाकरण पूरा कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक यह राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी है।
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इस तरह पूरा हुआ मिशन
जम्मू-कश्मीर के एक छोटे से गांव को मिली इस सफलता पर राज्य सरकार के मीडिया एडवाइजर यतीश यादव ने ट्वीट कर कहा है कोविड वैक्सीनेशम ड्राइव को लेकर केंद्र शासित प्रदेश आगे बढ़कर काम कर रहा है ; और 'हमने अब तक सोचा था कि एवरेस्ट हिमालय की सबसे ऊंची और सबसे मुश्किल चोटी है। लेकिन, कुछ यात्रा, कुछ नई रोशनी और नई जिंदगी लेकर आता है। टीम जम्मू और कश्मीर वैक्सीनेशन ड्राइव को जंग की तरह लड़ रहा है।' वेयान के लोगों को टीका के लिए तैयार करना इतना आसान भी नहीं था। लेकिन, इस काम में ग्राम प्रधान लाल भट ने काफी मदद की और उन्होंने सबको इसके लिए जागरूक किया। इस काम के लिए एक डॉक्टर की अगुवाई में 10 लोगों की टीम दो दिन तक गांव में ही रही, तब जाकर मिशन पूरा हुआ।

चारे के लिए गांव से निकलने वाले थे खानाबदोश
बता दें कि वेयान बांदीपुरा का ऐसा गांव है, जो अक्टूबर के बाद से पूरे देश से कट जाता है। यहां अबतक ना तो सड़कें बन पाई हैं और ना ही बिजली और मोबाइल नेटवर्क है। यहां रहने वाले खानाबदोश अपने मवेशियों को गर्मियों में ही हरी घास के लिए ऊंचे इलाके में ले जाते हैं और फिर पतझड़ में ही वापस गांव लौटते हैं। बांदीपुरा के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मसरत इकबाल के मुताबिक अगर वो और इंतजार करते तो अक्टूबर से पहले उन्हें टीका लगाना मुश्किल होता। क्योंकि, वो गुरेज के इलाके में चले जाते और वहां तक जाकर उन्हें टीका लगाना और भी मुश्किल होता। उन्होंने कहा कि इन सबको दूसरी डोज 12 हफ्तों बाद लगेगी और उस दौरान वे कहां रहेंगे इसके बारे में उनसे पूछ लिया गया है।(तस्वीरें-सांकेतिक)












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