जम्मू-कश्मीर के पुंछ में बारूदी सुरंग विस्फोट, कारगिल विजय दिवस से पहले अग्निवीर शहीद, दो जवान घायल
Poonch Landmine Blast: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास शुक्रवार, 25 जुलाई 2025 को हुए एक बारूदी सुरंग विस्फोट में सेना के एक अग्निवीर जवान शहीद हो गए, जबकि दो अन्य जवान घायल हो गए। यह दुखद घटना कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) से पहले हुई, जब 7 जाट रेजिमेंट के जवान क्षेत्र में गश्त कर रहे थे।
शहीद जवान का नाम अग्निवीर ललित कुमार बताया गया है। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने शहीद को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

क्या हुआ?
सेना के अधिकारियों के अनुसार, पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में सुबह के समय 'एरिया डोमिनेशन' गश्त के दौरान यह विस्फोट हुआ। गश्ती दल LoC के पास संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रहा था, तभी एक बारूदी सुरंग फट गई। इस हादसे में अग्निवीर ललित कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) सहित दो अन्य जवान घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
व्हाइट नाइट कोर ने X पर पोस्ट करते हुए कहा- 'GOC WhiteKnightCorps और सभी रैंक 7 जाट रेजिमेंट के अग्निवीर ललित कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने 25 जुलाई 2025 को कृष्णाघाटी ब्रिगेड के क्षेत्र में माइन विस्फोट के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। हम शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।'
क्षेत्र में तनाव का माहौल
यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है, जब जम्मू-कश्मीर में LoC पर तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने पुंछ और राजौरी जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी गोलाबारी की थी। मई 2025 में पुंछ में पाकिस्तानी गोलाबारी में 12 नागरिकों और एक जवान की मौत हुई थी, जिससे क्षेत्र में डर का माहौल है।
पिछले महीने राजौरी के किरी सेक्टर में संदिग्ध गतिविधियों के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें ड्रोन और भारी गोलीबारी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, तब कोई संदिग्ध पकड़ा नहीं गया। पुंछ, राजौरी, सांबा, और कठुआ जैसे सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।
पहलगाम हमले का असर
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, के बाद से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की गई है। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। NIA की जांच में हमले के तार पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद और कराची से जुड़े होने का खुलासा हुआ। इसके बाद भारत ने कई कूटनीतिक कदम उठाए, जिनमें इंडस जल संधि को निलंबित करना और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है।
सेना ने क्या कहा?
सेना ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि कृष्णा घाटी सेक्टर में गश्त के दौरान यह हादसा हुआ। जांच शुरू कर दी गई है कि यह सुरंग पुरानी थी या हाल में बिछाई गई। सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि LoC पर किसी घुसपैठ की कोशिश नहीं हुई। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
पुंछ में हुआ यह बारूदी सुरंग विस्फोट LoC पर बढ़ते तनाव और आतंकी गतिविधियों की चुनौती को दर्शाता है। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर अग्निवीर ललित कुमार का बलिदान देश के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा को रेखांकित करता है। सेना और सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। शहीद के परिवार के प्रति देश की संवेदनाएं हैं, और घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
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