जम्मू-कश्मीर: ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी, JKDMA ने इन जिलों में जारी किया अलर्ट
जम्मू-कश्मीर में हिमस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की है। जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने विभिन्न जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

Jammu Kashmir Avalanche: जम्मू-कश्मीर में ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेडीएमए) ने रविवार को विभिन्न जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। जेकेडीएमए द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार, अगले 24 घंटों में विभिन्न जिलों में समुद्र तल से 3200 से 3500 मीटर ऊपर कम खतरे का हिमस्खलन होने की आशंका है।
डोडा, किश्तवाड़, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। JKDMA ने बताया कि अगले 24 घंटों में डोडा, किश्तवाड़, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों में समुद्र तल से 3200 से 3500 मीटर ऊपर हिमस्खलन होने की संभावना है।
वहीं, इससे पहले राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने 24 घंटों के लिए अनंतनाग, बारामूला, गांदरबल, डोडा, राजौरी और पुंछ सहित 12 जिलों के लिए हिमस्खलन की चेतावनी जारी की थी। एसडीएमए ने कहा था कि यह मीडियम खतरे वाला हिमस्खलन है।
अनंतनाग, बांदीपुर, बारामूला, गांदरबल, कुपवाड़ा, कुलगाम, डोडा, किश्तवाड़ और पुंछ जिलों में 2 हजार से 2,500 मीटर से ऊपर होने की संभावना थी। जबकि अगले 24 घंटों में रियासी, राजौरी और रामबन जिलों में 'कम खतरे' के स्तर के साथ हिमस्खलन 2,000 से 2,500 मीटर से ऊपर होने की संभावना थी।
वहीं, इससे पहले सिक्किम के नाथू ला पहाड़ी दर्रे में कुदरत के कहर आने से कई लोगों की जानें चली गई थीं। भारी हिमस्खलन होने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई थी। इस घटना में अब तक 7 लोगों की मौत हो गई थी। 150 से अधिक पर्यटक बर्फ में फंस गए थे। वहीं, 27 लोगों को बचा लिया गया था। जिनमें से 7 गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
भारतीय सेना के सैनिकों ने गंगटोक-नाथुला रोड पर बचाव अभियान चला रहे थे। हिमस्खलन होने के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था। अब तक 27 लोगों को बाहर निकाल लिया गया। भारी संख्या में सेना के जवान मौजूद थे।
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