Rajasthan : परिवार में तीन मौतों के बाद 24 दिन की बेटी चंचल के सिर पर बांधी पगड़ी, देखें VIDEO

जयपुर, 24 मई। नाम चंचल। उम्र महज 24 दिन। अपने पराए की पहचान तक नहीं। अभी आंखें भी पूरी नहीं खुलती। खुद बैठ भी नहीं पाती और कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी का बोझ आ गया। हर किसी को झकझोर देने वाला यह मामला राजस्थान के जयपुर जिले में चौमूं के पास के गांव नांगल भरड़ा का है। यहां पर पिता की मौत के बाद 24 दिन की बच्ची चंचल के सिर पर पगड़ी बांधने की रस्म निभाई गई है।

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    Rajasthan : परिवार में तीन मौतों के बाद 24 दिन की बेटी चंचल के सिर पर बांधी पगड़ी
    पुलिस कांस्टेबल परीक्षा देने जाते एक्सीडेंट

    पुलिस कांस्टेबल परीक्षा देने जाते एक्सीडेंट

    दरअसल, 13 व 16 मई को राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर हुआ है, जिसमें चंचल के पिता बंशीधर कुमावत, उसके के भाई दीपेश व उसकी पत्नी पिंकी का सेंटर झुंझुनूं जिले में आया था। 12 मई को चंचल के पिता, चाचा व चाची मोटरसाइकिल पर सवार होकर झुंझुनूं जिले के डूंडलोद स्थित परीक्षा केंद्र पर आ रहे थे।

     बाइक पर पलट गया था ट्रक

    बाइक पर पलट गया था ट्रक

    रास्ते में एनएच 52 पर मंढा मोड़ के पास निजी डेयरी का दूध परिवहन करने वाला एक ट्रक अनियंत्रित होकर बाइक पर पलट गया। हादसे में चंचल के पिता, चाचा व चाची की मौत हो गई। ट्रक जयपुर की ओर जा रहा था। सामने से अचानक ट्रैक्टर के आने पर ट्रक बेकाबू हो गया था।

    दूध के पैकेट के नीचे से निकाले तीन शव

    दूध के पैकेट के नीचे से निकाले तीन शव

    एक्सीडेंट की सूचना पर सीकर जिले की रानोली व खाटूश्यामजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद निजी क्रेन व जेसीबी बुलाकर दूध के पैकेट के नीचे से तीनों को निकाला। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

    दादा-दादी व मां बची घर में

    दादा-दादी व मां बची घर में

    बता दें कि गांव नांगल भरड़ा निवासी अशोक कुमार व पतासी देवी के दो ही बेटे दीपेश और बंशीधर थे। दोनों बेटे व एक बहू की मौत के बाद परिवार में अब सिर्फ अशोक कुमार, पतासी देवी, 24 दिन की चंचल और चंचल की मां मोनू बची है।

    पगड़ी की रस्म में बहे आंसू

    पगड़ी की रस्म में बहे आंसू

    हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार मौत के 12वें दिन पगड़ी की रस्म निभाई जाती है, जिसमें सबसे बड़े बेटे पर पगड़ी बांधकर उसे पिता का उत्तराधिकारी घोषित किया जाता है। बेटा नहीं होने की स्थिति में बेटी के सिर पर पगड़ी बांधी जाती है। गांव नांगल भरड़ा में महज 24 दिन की बेटी चंचल के सिर पर पूरे समाज के सामने पगड़ी बांधी गई तो कोई आंसू नहीं रोक पाया।

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