Sapa Rebels: कहां से लगी सपा में टूट की आग? 19 बार सुलगी चिंगारी, Akhilesh Yadav का 'कुनबा' बिखरने वाला है?
Sapa Rebels UP Chunav 2027: महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) की दूसरी बड़ी टूट ने विपक्षी दलों के अंदरखाने की हलचल तेज कर दी है। अब उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी और संगठित विपक्षी ताकत समाजवादी पार्टी में फूट की सुगबुगाहट जोर पकड़ रही है। यूपी के डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने साफ कहा है कि सपा के 25-26 सांसद टूटने को तैयार बैठे हैं और पार्टी का हाल TMC से भी बदतर हो सकता है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री ओम प्रकाश राजभर तो लगातार 25 मई से 17 जून तक, यानी करीब 19 बार, अखिलेश यादव और सपा पर हमलावर रहे।
अखिलेश यादव ने इन सारे दावों को BJP की 'मानसिकता' बताकर खारिज कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सपा एकजुट है और 2027 के चुनाव में मजबूती से लड़ेगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ BJP की मनोवैज्ञानिक लड़ाई है या सपा के अंदर वाकई कोई गहरी दरार पैदा हो गई है? यूपी की सियासत में यह बहस 2027 से पहले का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय बनती जा रही है। आइए समझते हैं...

राजभर का हमला: 25 मई से 17 जून तक, 19 बार चिंगारी
ओम प्रकाश राजभर ने इस पूरे माह में अखिलेश यादव को निशाने पर रखा। उनके ट्वीट्स में व्यक्तिगत हमले, जातीय समीकरण, पुराने घोटालों का जिक्र और PDA फॉर्मूले की कड़ी आलोचना शामिल रही। 17 जून को राजभर ने 5 बार पोस्ट किया। एक में उन्होंने अखिलेश को 'लंका में आग लगने' की चेतावनी दी और सांसदों-विधायकों की बैठक बुलाकर शपथ कराने का सुझाव दिया। दूसरे में खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट का जिक्र कर राम गोपाल यादव पर सवाल उठाए। तीसरे में प्रयागराज हत्याकांड को यादव-मुस्लिम अपराध से जोड़ा। यह निरंतर हमला महज व्यक्तिगत रंजिश नहीं लगता। राजभर 2022 में सपा से गठबंधन तोड़कर BJP के साथ आए थे। अब वे सपा के OBC और दलित वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
आइए अब टाइमलाइन में समझें क्या कब और कैसे चिंंगारी में हवा फूंकी...
25 मई 2026
मुद्दा: PDA बनाम गैर-यादव पिछड़ा राजनीति
राजभर ने कहा कि उन्होंने सुभासपा केवल 'ट्विटर, एसी और पीसी' करने के लिए नहीं बनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में 'पहिला दावा अहिर' की राजनीति चलती है और गैर-यादव पिछड़ों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
मुख्य आरोप:
- आजमगढ़ में स्थानीय यादव को भी मौका नहीं मिलता।
- बदायूं और कन्नौज में परिवारवाद हावी।
- रुक्मिणी निषाद जैसी नेता को आगे नहीं बढ़ाया गया।
- सपा में सत्ता सिर्फ 'सैफई परिवार' तक सीमित।
28 मई 2026
मुद्दा: महिला विधायक से मारपीट
राजभर ने सपा विधायक महाराजी प्रजापति से कथित मारपीट का मुद्दा उठाया।
मुख्य आरोप:
- सपा में गैर-यादव पिछड़े सुरक्षित नहीं।
- महिला विधायक तक सुरक्षित नहीं।
- अखिलेश यादव पर 'यादव मोह' का आरोप।
- 2012-17 के 'जंगलराज' की याद दिलाई।
29 मई 2026
- मुद्दा: गार्गी पटेल प्रकरण
- चंदौली की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल से कथित मारपीट पर हमला।
मुख्य आरोप:
- सपा में महिला सम्मान नहीं।
- कुर्मी और प्रजापति समाज उपेक्षित।
- 'महाभारत' और 'द्रौपदी चीरहरण' जैसी उपमा।
1 जून 2026
- मुद्दा: सूर्या चौहान हत्याकांड
- राजभर ने कहा कि सपा नेताओं ने आरोपी असद पर नरमी दिखाई।
मुख्य आरोप:
- सपा वोट बैंक की राजनीति कर रही।
- पीड़ित परिवार के लिए संवेदना नहीं।
- 'PDA' पर नया हमला।
2 जून 2026
- मुद्दा: पांच बड़ी वारदातें
- राजभर ने दावा किया कि पिछड़े और बहुजन समाज पर लगातार हमले हो रहे हैं।
मुख्य घटनाएं:
- रामजन्म राजभर हत्या
- धनराज मौर्य प्रकरण
- सूर्या चौहान मामला
- संदीप सिंह हत्या
- अन्य हमले
मुख्य संदेश: 'मैं धमकियों से नहीं डरूंगा।'
3 जून 2026 (सुबह)
- मुद्दा: पंचायत प्रशासक विवाद
- राजभर ने आरोप लगाया कि सपा पंचायत चुनाव टालने के सरकारी फैसले का विरोध कर गांवों के विकास में बाधा डाल रही है।
3 जून 2026 (दोपहर)
मुद्दा: लखनऊ हत्याकांड
मुख्य आरोप:
- आरोपी सपा से जुड़ा।
- समाजवादी लोहिया वाहिनी से संबंध।
- अखिलेश यादव पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप।
4 जून 2026
मुद्दा: पंचायत चुनाव और लंदन यात्रा
मुख्य बातें:
- पंचायत चुनाव में सपा की हार का दावा।
- अखिलेश की विदेश यात्राओं पर तंज।
- 'प्रियजनों' के गिरफ्तार होने का उल्लेख।
5 जून 2026
- मुद्दा: मुलायम सिंह यादव का पुराना बयान
- राजभर ने 2013 का हवाला देते हुए कहा:- 'आपके बाबूजी ने खुद आपकी सरकार पर सवाल उठाए थे।'
मुख्य संदेश: कानून व्यवस्था पर सपा को घेरा।
6 जून 2026
मुद्दा: आतंकवाद मामलों की वापसी
मुख्य आरोप:
- सपा सरकार ने बम धमाका आरोपियों पर मुकदमे वापस लेने की कोशिश की।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट के सवालों का जिक्र।
राजभर का नारा: 'सपा का गढ़, आतंकवाद की जड़'
7 जून 2026
- मुद्दा: राजभर समाज पर हमले
- राजभर ने कई हत्या मामलों की सूची जारी की।
मुख्य आरोप:
- राजभर समाज के लोगों पर हमलों में यादव और मुस्लिम आरोपियों का नाम।
- PDA को 'पीट देगा अहिर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' बताया।
9 जून 2026
- मुद्दा: जातीय राजनीति
- यह इस अवधि का सबसे लंबा हमला था।
मुख्य आरोप:
- हर अपराध को जातीय रंग देना।
- फर्जी नैरेटिव बनाना।
- AI वीडियो फैलाना।
- सोशल मीडिया सेल पर हमला।
चेतावनी: '2027 में दीदी से भी बुरी गत होगी।'
12 जून 2026
- मुद्दा: अदिति यादव पर अफवाह
- राजभर ने अफवाह का विरोध किया।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- अदिति यादव को अपनी बेटी जैसा बताया।
- अफवाह फैलाने वालों की निंदा।
- साथ ही सपा के सोशल मीडिया व्यवहार पर सवाल उठाए।
13 जून 2026
मुद्दा: लंदन यात्रा
मुख्य आरोप:
- अखिलेश उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों की उपेक्षा करते हैं।
- काशी, अयोध्या, मथुरा जाने की सलाह।
- लंदन और पेरिस यात्रा पर तंज।
17 जून 2026 (सुबह 7:59 बजे)
- मुद्दा: प्रयागराज ट्रिपल मर्डर
- राजभर ने एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की हत्या का जिक्र करते हुए आरोपी को सपा कार्यकर्ता बताया।
मुख्य आरोप: यादव समाज को गलत दिशा देने का आरोप।
PDA की नई व्याख्या:
'पीट देगा अहिर'
'काट देगा अहिर'
17 जून 2026 (सुबह 10 बजे)
- मुद्दा: सपा में बड़ी टूट
- सबसे बड़ा राजनीतिक हमला।
दावा:
- रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी दी।
- सपा में बड़ी टूट होने वाली।
- खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का जिक्र।
17 जून 2026 (शाम 5 बजे)
- मुद्दा: खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट
- राजभर ने हमले को और तेज किया।
मुख्य आरोप:
- 'रामगोपाल यादव समझौता कर रहे हैं।'
- 'खनन घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है, सब जानते हैं।'
- 'नाम लिख दूंगा तो भूचाल आ जाएगा।'
17 जून (6:28PM): 'लंका में आग लगने' की चेतावनी
एक में उन्होंने अखिलेश को 'लंका में आग लगने' की चेतावनी दी और सांसदों-विधायकों की बैठक बुलाकर शपथ कराने का सुझाव दिया।
17 जून 2026(7:50 PM): अखिलेश बनाम राजभर, सीधा वार-पलटवार
सपा में कथित टूट और भाजपा में शामिल होने की अफवाहों पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भविष्यवाणी करनेवाले अपनी पार्टी की भविष्यवाणी करें कि उन्हें भाजपा 75 सीट दे रही है, 50 या फिर सिर्फ़ आश्वासन। इसके बाद उन्होंने राजभर पर तंज कसते हुए कहा कि इन्होंने भाजपा के गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफ़वाह फैलाकर जो पैसा एडवांस लिया है, वो लोग इन्हें ढूंढ रहे हैं।
अखिलेश यादव का बचाव: 'पार्टी मजबूत है'
अखिलेश ने कहा, 'BJP लालच और दबाव की राजनीति करती है। सपा ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन मजबूत है।' उन्होंने राम गोपाल यादव, शिवपाल यादव और अन्य नेताओं के साथ बैठकें कीं। PDA फॉर्मूले को और पुख्ता करने, कांग्रेस गठबंधन बनाए रखने और युवा नेताओं को आगे लाने पर जोर दिया।
Oneindia Hindi से खास बातचीत में प्रदेश में पूर्व मंत्री रहे, समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि यह भाजपा का "कैलकुलेटिव मूव" है। सपा के बारे में जानबूझकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सांसदों की बात छोड़िए, पार्टी का एक भी कार्यकर्ता सपा छोड़कर नहीं जा सकता।
इतिहास गवाह है: सपा में पहले भी टूटें हुईं
सपा का इतिहास विभाजनों से भरा है। मुलायम सिंह यादव के समय से लेकर अब तक कई बार टूट हुई। 2017 और 2022 में बड़े पैमाने पर नेता गए। लेकिन अखिलेश हर बार पार्टी को संभालकर लाए। सवाल है कि 2027 से पहले क्या वे फिर ऐसा कर पाएंगे?
आग अभी चिंगारी है या भड़कने वाली?
अभी सपा में कोई सार्वजनिक बगावत नहीं हुई है। ओम प्रकाश राजभर का हमला व्यक्तिगत और जातीय एंगल से ज्यादा लगता है। केशव मौर्य का दावा BJP की रणनीतिक मनोविज्ञान है। अखिलेश यादव अभी पार्टी को संभाले हुए हैं, लेकिन चुनौतियां कम नहीं।
2027 यूपी चुनाव यश-पराजय का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सामाजिक संरचना और राजनीतिक भविष्य का फैसला होगा। PDA टिकेगा या टूटेगा, परिवारवाद चलेगा या संगठन बनेगा, यह आने वाले छह महीनों में तय हो जाएगा। यूपी की सियासत का यह अध्याय बेहद रोचक और निर्णायक साबित होने वाला है।













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