सचिन पायलट सीएम बने तो भाजपा के पास वसुंधरा राजे के सिवाय कोई विकल्प नहीं, राजे ऐसे देगी पायलट को टक्कर
जयपुर, 24 सितंबर। राजस्थान में कांग्रेस में होने वाले बड़े परिवर्तन के बीच सचिन पायलट को अगर राजस्थान की कमान दी जाती है तो इसका सीधा असर भाजपा पर दिखेगा। सचिन पायलट जैसे युवा नेतृत्व से टक्कर लेने के लिए पार्टी को मजबूत चेहरे को चुनाव मैदान में उतारना होगा। इस वक्त भाजपा के पास पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सिवाय ऐसा कोई बड़ा चेहरा नहीं है। जो राजस्थान में लोकप्रिय हो प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच कांग्रेस में होने वाले परिवर्तन में यदि पार्टी सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाती है तो वसुंधरा राजे ही पायलट को सीधे तौर पर टक्कर दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी वसुंधरा राजे के सचिन पायलट के मुकाबले में फॉलोअर्स हैं। वही भाजपा केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कराए गए अलग-अलग सर्वे रिपोर्ट में भी भावी मुख्यमंत्री के तौर पर वसुंधरा राजे का ही नाम उभरकर सामने आया है।


सोशल मीडिया पर एक्टिव है वसुंधरा राजे
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सोशल मीडिया पर पूरी तरह एक्टिव रहती है। पार्टी और अपनी गतिविधियों को वे फेसबुक और ट्विटर पर शेयर करती रहती है। राजस्थान में सोशल मीडिया पर सचिन पायलट के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सबसे ज्यादा फॉलो किया जाता है। ऐसे में माना जा सकता है कि वसुंधरा प्रदेश की लोकप्रिय नेता है।

वसुंधरा राजे भाजपा की सर्वे रिपोर्ट में पहले नंबर पर
भाजपा केंद्रीय नेतृत्व द्वारा प्रदेश में कराए गए अलग-अलग सर्वे रिपोर्ट में लोकप्रिय मुख्यमंत्री के नाम पर वसुंधरा राजे का ही चेहरा ऊपर कर सामने आया है। एक मीडिया चैनल द्वारा कराए गए सर्वे में भी राजस्थान के मुख्यमंत्री के तौर पर वसुंधरा राजे का नाम सामने आया है। यह तमाम तरह के पहलू साबित करते हैं कि वसुंधरा राजे भाजपा नेता के तौर पर राजस्थान के लोगों की पहली पसंद है। पार्टी ने प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कई चेहरों को आगे भी किया है। लेकिन वे जनता के बीच उतना असर नहीं छोड़ पाए हैं। जितना प्रभाव वसुंधरा राजे का है।

वसुंधरा राजे की राजस्थान की राजनीति पर गहरी पकड़
राजस्थान के मुख्यमंत्री के तौर पर वसुंधरा राजे प्रदेश में अपनी पकड़ बनाने में कामयाब रही है। भाजपा में भी नेताओं से उनके अच्छे संबंध हैं। उन्हें राजस्थान की सियासत की समझ भी है। प्रदेश की मुख्यमंत्री रहते हुए वसुंधरा राजे ऐसे नेता के तौर पर उभरी। जिसकी ब्यूरोक्रेसी पर जबरदस्त पकड़ मानी जाती थी। वसुंधरा राजे युवाओं से भी जुड़ी रहती हैं। प्रदेश का युवा वर्ग मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें पसंद करता है और देखना चाहता है। ऐसे में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अगर वसुंधरा राजे को पार्टी के चेहरे के तौर पर आगे करता है तो निश्चित तौर पर भाजपा विधानसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन कर पाएगी।












Click it and Unblock the Notifications