Rajendra Shekhawat : बचपन में पिता को खोया, फिर 5-5 स्कूलों में पढ़ाकर RAS बने राजेंद्र शेखावत
सीकर, 8 जून। 'साल 1992 में पिता रघुनाथ सिंह का निधन हो गया। तब मैं महज दस साल का था। तब हम तीन भाई-बहनों की जिम्मेदारी मां मोहन कंवर के कंधों पर आ गई और उन्होंने बखूबी निभाई भी। स्कूली शिक्षा तो मां ने सिलाई करके पूरी करवा दी, मगर उच्च शिक्षा लेने की बात आई तो मैंने खुद ने एक ही दिन में पांच-पांच निजी स्कूलों में पढ़ाना शुरू किया। मां की हिम्मत और मेरी मेहनत का नतीजा सबके सामने है'

दूदू एडीएम राजेंद्र सिंह शेखावत का तबादला
यह कहना है कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत का। इनकी जिंदगी संघर्ष, मेहनत व सफलता की मिसाल है। इन्होंने मुश्किलों में खुद को संवारा है। आज हम आरएएस राजेंद्र शेखावत की सक्सेस स्टोरी उनके ट्रांसफर के मौके पर बयां कर रहे हैं। इन्हें अतिरिक्त जिला कलेक्टर दूदू (जयपुर) से राजस्व अपील प्राधिकारी अजमेर के पद पर लगाया गया है।

आरएएस राजेंद्र सिंह शेखावत का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में राजेंद्र सिंह शेखावत आरएएस कहते हैं कि 'पहले मुझे लगता था कि परिवार की आर्थिक कमजोर है। आरक्षण के दायरे में भी नहीं आता। प्रतियोगी परीक्षाओं में कड़ा मुकाबला है, लेकिन नौकरी लगने के लिए सही दिशा में मेहनत करनी शुरू की और इस प्रक्रिया में घुसा तो पता चला कि भगवान ने सबको एक जैसा दिमाग दिया है। बस इसका सही दिशा में इस्तेमाल करना सीख लो'

शादी के बाद पत्नी को पढ़ाकर टीचर बनाया
राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अफसर राजेंद्र सिंह शेखावत वो शख्स हैं, जो छह बार सरकारी नौकरी लग चुके हैं, मगर मां का सपना पूरा करने के लिए ये आरएएस बनने तक मेहनत करते रहे। यही नहीं बल्कि साल 2006 में श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ की राजेश कंवर के साथ शादी करने के बाद पत्नी को पढ़ाया। नतीजा यह रहा कि पत्नी भी सरकारी स्कूल में शिक्षिका लग गई।

राजेन्द्र सिंह शेखावत इन पदों पर लगे नौकरी
-वर्ष 2005 में पहली बार तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में सरकारी नौकरी लगे। खुद के कस्बे शिश्यू के ही सरकारी स्कूल में पोस्टिंग मिली।
-वर्ष 2010 में राजस्थान पुलिस में उप निरीक्षक पद पर चयन हुआ। दो साल तक जोधपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में नौकरी छोड़ दी।
-वर्ष 2012 में एसआई के रूप में प्रशिक्षण लेने के दौरान द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में नंबर आ गया। सीकर के पिपराली के लखीपुरा के सरकारी स्कूल में ज्वाइनिंग मिली।
-वर्ष 2012 में ही राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) में 708वीं रैंक पर चयन हुआ। अधीनस्थ सेवाओं में नौकरी लग रही थी, मगर ज्वाइन नहीं किया।
-वर्ष 2013 में इतिहास के स्कूल व्याख्याता और एमएच सैकंडरी के रूप में चयन हुआ। बाड़मेर के चौहटन इलाके के गांव बामणोत स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बतौर हैड मास्टर ज्वाइन किया।
-वर्ष 2015 में राजस्थान प्रशासन सेवा (आरएएस) में कमाल कर दिखाया। पूरे प्रदेश में पुरुष वर्ग में तीसरी रैंक प्राप्त की।

आरएएस राजेंद्र सिंह शेखावत परिवार
नाम - राजेंद्र सिंह शेखावत
जन्म - 30 जनवरी 1982 शिश्यू रानोली सीकर
पिता - रघुनाथ सिंह
माता - मोहन कंवर
बहन - सुमन और ममता
पत्नी - राजेश कंवर
बेटी - प्रतिष्ठा और भानूप्रिया

शेयर की ट्रांसफर की जानकारी
7 जून को 12 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। अपने ट्रांसफर की जानकारी शेयर करते हुए राजेंद्र सिंह शेखावत ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि 'अतिरिक्त जिला कलेक्टर दूदू से राजस्व अपील प्राधिकारी अजमेर पद पर स्थानांतरण। RAA अजमेर राजस्व मंडल के आभा मंडल में कार्य करने के कारण कार्य करने व सीखने का उत्कृष्ट माध्यम साबित होगा'












Click it and Unblock the Notifications