Rajasthan News : महंगाई राहत कैंप में आमजन को मिल रहा सरकारी योजनाओं का लाभ, जानिए किसे कैसे मिला फायदा

प्रदेश में महंगाई राहत कैम्प गहलोत सरकार की संवेदनशील और जवाबदेह शासन की मंशा को साकार कर रहे हैं। कैम्पों में आमजन को संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ योजनाओं की जानकारी देकर लाभान्वित किया जा रहा है।

ashok gehlot

Rajasthan News : राजस्थान में महंगाई राहत कैम्प राज्य सरकार की संवेदनशील और जवाबदेह शासन की मंशा को साकार करते हुए नजर आ रहे हैं। कैम्पों में पहुंच रहे आमजन को संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ योजनाओं की पूरी जानकारी देकर लाभान्वित किया जा रहा है। कैम्पों में जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहज और संवेदनशील व्यवहार के कारण आमजन सुगमता से अपने रजिस्ट्रेशन करवा पा रहे हैं। आमजन को इन कैम्पों में पर्याप्त सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। जिससे वे बिना किसी परेशानी के योजनाओं के लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से इस तरह की बानगियां सामने आ रही हैं।

चिरंजीवी से बचे रज्जाक ने मुख्यमंत्री को सुनाई आपबीती

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना प्रदेशवासियों के लिये जीवनदायिनी साबित हो रही है। हनुमानगढ़ जिले के चक 23 डीडब्ल्यूडी निवासी रज्जाक खां मिरासी और उसके परिवार के लिए यह योजना संजीवनी साबित हुई। रज्जाक खां ने अपनी आपबीती महंगाई राहत कैम्प में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने बयां की। एक हादसे में परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य रज्जाक खां के सिर में गंभीर चोट आई थी। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पांच दिन तक कोमा में रहने के बाद उसका सफल ऑपरेशन हुआ। डॉक्टर ने जब उनके परिवार को बताया कि रज्जाक का इलाज मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निशुल्क हुआ है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि योजना की वजह से उनका परिवार कर्ज के बोझ से बच गया। रज्जाक का अनुभव सुनकर मुख्यमत्री ने भी इस पर खुशी जाहिर करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों से चिरंजीवी योजना से जुड़ने का आह्वान किया।

अधिकारी ने दिखाई संवेदनशीलता

महंगाई राहत कैम्पों में अधिकारी भी संवेदनशीलता के साथ अपनी सहभागिता निभाते हुए आमजन को ज्यादा से ज्यादा राहत देने में जुटे हैं। उदयपुर के नयागांव में आयोजित शिविर में जब विकास अधिकारी ने चलने-फिरने में अक्षम वृद्धा को कुर्सी पर बैठे देखा तो वे खुद कुर्सी से उठकर उसके पास पहुंचे और आत्मीयता से बात की। विकास अधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए स्वयं बुजुर्ग महिला की पेंशन सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण करवाई और राहत दी। राहत पाकर वृद्धा ने राज्य सरकार को दुआएं दीं।

स्थानीय बोली में वार्तालाप से सहजता

उदयपुर जिले के नांदवेल गांव की गमेरी बाई गमेती योजनाओं का लाभ लेने के लिए महंगाई राहत कैंप में पहुंची। उपखंड अधिकारी श्रीकांत व्यास ने गमेती बाई से मेवाड़ी में बातचीत की तो उसे समझ में आया कि उसे आठ योजनाओं का लाभ मिला है। मावली उपखंड अधिकारी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी सुर्खियां बटोर रहा है। प्रदेश के अन्य अंचलों में आयोजित कैम्पों में भी इस तरह की बानगियां देखने को मिल रही है। जहां अधिकारी-कर्मचारी आगन्तुकों से स्थानीय बोली में बातचीत कर आत्मीयता का माहौल बना रहे हैं।

बारिश में भीग रहे दिव्यांग को अपनी गाड़ी में लेकर पहुंचे अधिकारी

राजसमन्द जिले की उपली ओडन ग्राम पंचायत में आयोजित कैम्प के प्रभारी ऋषि सुधा पांडे जब कैम्प में जा रहे थे तो उनकी नजर बारिश में भीग रहे दिव्यांग रामचन्द्र पालीवाल पर पड़ी जो ट्राईसाइकिल पर जा रहे थे। उन्होंने तत्काल अपनी गाड़ी रोककर रामचन्द्र से बातचीत की और कैम्प के बारे में जानकारी दी। वे दिव्यांग को अपने साथ ही अपनी गाड़ी में बैठाकर कैम्प में लेकर आये और योजनाओं का लाभ हाथों-हाथ दिलवाकर लाभान्वित किया। योजनाओं के गारंटी कार्ड मिलने पर रामचन्द्र भावुक होकर बोले, "सरकार रो घणो-घणो धन्यवाद।"

अजमेर की शारदा को मिला सरकार का सहारा

अजमेर जिले की बिजयनगर निवासी शारदा कम उम्र में ही पति को खो चुकी थी। एक बेटा भी दुर्घटना का शिकार हो गया। शारदा पर अपनी दो बेटियों को पालने की जिम्मेदारी है। राहत कैंप में उम्मीद लेकर आई शारदा का पांच योजनाओं में रजिस्ट्रेशन हुआ। राहत मिलते ही उसकी निराश आंखों में चमक लौट आई। शारदा ने कहा कि उस जैसी महिलाओं के जीवन में रोशनी लाकर यह अभियान अपनी सार्थकता सिद्ध कर रहा है।

जयपुर की सुमित्रा कंवर को मिली चिन्ता से मुक्ति

जयपुर के दादी का फाटक निवासी 43 वर्षीय सुमित्रा कंवर दिव्यांग हैं और जीवन दुश्वारियों से भरा है। तमाम जद्दोजहद और कड़ी मेहनत के बावजूद घर चलाना मुश्किल हो रहा है। पड़ोसियों से जानकारी मिली तो सुमित्रा कंवर भी महंगाई राहत कैंप में पहुंची। वहां सुमित्रा कंवर को राजस्थान सरकार की 7 बड़ी योजनाओं का फायदा मिला। वे कहती हैं कि ऐसा नहीं है कि सरकारी योजनाओं का फायदा पहले नहीं मिल रहा था। लेकिन अब फायदा बढ़कर मिलेगा। विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन अब 1000 रुपये मिलने लगेगी, गैस सिलेण्डर के लिए पहले 1100 रुपए से ज्यादा चुकाने होते थे। अब 500 रुपए में ही मिल जाएगा। भला हो राज्य सरकार का जिसने 25 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा दिया। साथ ही 10 लाख रुपए के दुर्घटना बीमा ने भी चिन्ताएं कम कर दी हैं।

सिरकार की ई मदद सू म्हाका गोडा में जोर आग्यो

भीलवाड़ा जिले के ग्राम रोजी मगरी का खेड़ा निवासी 72 वर्षीय बगती अपनी देवरानी दाखी के साथ तिलोली ग्राम पंचायत में आयोजित कैम्प में पहुंची। विधवा बगती ने बताया कि उनके तीन पुत्र हैं। जो कुएं खोदने का काम करते है और अक्सर बाहर रहते हैं। इसी प्रकार देवरानी दाखी के कोई पुत्र नहीं है। दोनों के ही जनाधार कार्ड नहीं बने हैं और पेंशन भी नहीं मिल रही है। देवरानी-जेठानी की पीड़ा सुन उपखंड अधिकारी ने निर्देश देकर दोनों के जनाधार कार्ड बनवाकर पेंशन शुरु करवाई। साथ ही अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित किया। योजनाओं के गारंटी कार्ड पाकर बगती बोली "सिरकार की ई मदद सू म्हाका गोडा में जोर आग्यो।"

महंगाई से लड़ाई में अब हम अकेले नहीं

बारां जिले की गुगौर ग्राम पंचायत निवासी बद्री बाई को महंगाई राहत कैंप में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क कृषि बिजली योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना, मुख्यमंत्री कामधेनु पशु बीमा योजना और मुख्यमंत्री निशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना का लाभ मिला। बद्री बाई कहती हैं कि राज्य सरकार द्वारा मिली इस राहत से अब घर खर्च में महंगाई से राहत मिलेगी। सरकार का आभार जताते हुए वे कहती हैं कि महंगाई से लड़ाई में अब हम अकेले नहीं है। राज्य सरकार भी हमारे साथ है।

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