ऑक्सीजन व रेमडेसिविर की आपूर्ति में भेदभाव पर राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस, अगली सुनवाई तीस को

जयपुर, 28 अप्रैल। राजस्थान में कोरोना वायरस की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। लाखों लोग संक्रमित हो चुके हैं। हजारों की जानें चली गई। इस बीच केंद्र सरकार की ओर से राजस्थान को ऑक्सीजन व रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति में भेदभाव के आरोप लग रहे हैं।

Rajasthan High Court sent notice to Center on discrimination in supply of oxygen and Remdesivir

मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। पूनमचंद भंडारी की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महान्ति और न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को है।

एडवोकेट पूनमचंद्र भंडारी के अनुसार याचिका में कहा गया कि केन्द्र सरकार ने गुजरात को 1 लाख 63 हजार पांच सौ रेमडेसिविर इंजेक्शन का आवंटन किया है, जबकि वहां 84 हजार 126 मरीज हैं। दूसरी ओर राजस्थान में एक लाख से अधिक मरीज होने के बावजूद राजस्थान को सिर्फ 26 हजार पांच सौ इंजेक्शन आवंटित किए हैं।

इसी तरह गुजरात को 970 और राजस्थान में 80 मैट्रिक टन आक्सीजन ही भेजी है. इसी तरह मध्यप्रदेश सहित कई अन्य राज्यों में भी मरीज कम होने के बावजूद इंजेक्शन और ऑक्सीजन अधिक आवंटित की गई है।

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