Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मल्लिकार्जुन खड़गे की मुलाकात की सियासी चर्चा, जानिए मायने
Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हिमाचल में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इस दौरान गहलोत की मुलाकात मंगलवार को कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे के साथ हुई। दोनों नेताओं ने साथ में डिनर भी लिया। राजस्थान के सियासी गलियारों में गहलोत और खड़गे की मुलाकात की चर्चा है। प्रदेश में इस मुलाकात के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे बगावत करने वाले नेताओं के खिलाफ कठोर फैसला लेंगे। लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है। माहौल में काफी परिवर्तन नजर आ रहा है।

अशोक गहलोत का आत्मविश्वास और कांग्रेस द्वारा उनकी योजनाओं को लागू करना
राजस्थान के सियासी घटनाक्रम के बाद अशोक गहलोत का पार्टी में कद कमजोर हुआ है। लेकिन जिस आत्मविश्वास के साथ अशोक गहलोत हिमाचल और गुजरात में प्रचार कर रहे हैं। गुजरात और हिमाचल के चुनाव में अशोक गहलोत की योजनाओं को कांग्रेस द्वारा लागू किए जाने की घोषणा से पार्टी के भीतर अशोक गहलोत को और मजबूती मिली है। पिछले दिनों राहुल गांधी ने ट्वीट कर गहलोत सरकार की योजनाओं की तारीफ की थी। उससे ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस हाईकमान का भरोसा अभी भी अशोक गहलोत पर उतना ही है।

बगावत करने वाले नेताओं को मिली भारत जोड़ो यात्रा की जिम्मेदारी
राजस्थान में बगावत करने वाले नेताओं संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की अहम जिम्मेदारियां दी गई है। इन तीनों नेताओं के खिलाफ पार्टी ने अनुशासनहीनता का नोटिस जारी कर रखा है। इन्होंने इसका जवाब भी दे दिया है। अब कांग्रेस हाईकमान की ओर से कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच इन तीनों नेताओं को दी गई जिम्मेदारी दर्शाती है कि पार्टी में इन तीनों नेताओं की अहमियत अभी भी बरकरार है।

अशोक गहलोत ने की मल्लिकार्जुन खड़गे से वार्ता
शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे सीएम अशोक गहलोत ने रात में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेंद्र बघेल, राजीव अरोड़ा और जुबेर खान के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे के साथ वार्ता की। इस वार्ता में किसने क्या कहा। यह किसी को नहीं बताया गया। इसके बाद सीएम गहलोत ने मल्लिकार्जुन खड़गे से अलग से भी बातचीत की इसका ब्यौरा भी किसी को नहीं दिया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन में किस नेता को लिया जाएगा और किसे नहीं लिया जाएगा। इसका फैसला होना अभी बाकी है।

राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा देगी नया संदेश
कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि उदयपुर में सोनिया गांधी ने जो संकल्प लिया है। उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। इसके लिए 20 नवंबर तक का इंतजार किया जा रहा है। राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को लेकर क्या फैसला होगा। यह भी देखने वाली बात होगी। मलिकार्जुन खड़गे और अशोक गहलोत की इस मुलाकात की राजस्थान के सियासी गलियारों में खासी चर्चा है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा निश्चित तौर पर राजस्थान में कुछ नया संदेश देगी।

सचिन पायलट गुट हाईकमान के सामने बेअसर
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गुजरात चुनाव और हिमाचल चुनाव में जिस तरह असर दिख रहा है। इसके बाद भारत जोड़ो यात्रा में अशोक गहलोत के नजदीकी नेताओं को जिम्मेदारी दिया जाना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस हाईकमान के सामने सचिन पायलट का खेमा बेअसर है। हालांकि पार्टी ने सचिन पायलट को हिमाचल प्रदेश चुनाव का पर्यवेक्षक बना रखा है। सचिन पायलट लगातार हिमाचल में चुनावी जनसभाएं कर रहे हैं। पार्टी को पायलट के चुनाव प्रचार का फायदा भी मिल रहा है। लेकिन राजस्थान को लेकर सचिन पायलट कोई असरदार भूमिका में नहीं है। सियासी गलियारों में इस बात की भी चर्चा है।












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