पायलट ने कांग्रेस के लिए समर्पण भाव से काम किया-जितिन प्रसाद, गहलोत कौन होते हैं मुझे हटाने वाले-MLA भाकर

जयपुर। राजस्थान का सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत पर उतरे सचिन पालयट को तीन दिन ​तक मनाने की तमाम कोशिशें सफल नहीं होने पर कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। 14 जुलाई की पार्टी बैठक के बाद सचिन पायलट को राजस्थान के उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है।

मंत्री विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा के खिलाफ भी कार्रवाई

मंत्री विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा के खिलाफ भी कार्रवाई

सचिन पायलट के खिलाफ उनके गुट के मंत्री विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। सचिन पायलट की जगह अब राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को सौंपी गई है। सचिन पायलट की जगह नए राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए गोविंद सिंह डोटासरा सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ से विधायक हैं। सचिन पायलट को हटाए जाने के बाद राजनीति गरमा गई है।

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     पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की प्रतिक्रिया

    पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की प्रतिक्रिया

    इस बीच कांग्रेस वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जितिन प्रसाद ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि सचिन पायलट कांग्रेस पार्टी के नेता ही नहीं बल्कि मेरे दोस्त भी हैं। इस बात से नकारा नहीं जा सकता कि सचिन पायलट ने पिछले कई वर्षों में कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पण के साथ काम किया है। पूरी उम्मीद है कि पार्टी को अभी भी नुकसान से बचाया जा सकता है।

     मुझे हटाने वाले कौन होते हैं गहलोत

    मुझे हटाने वाले कौन होते हैं गहलोत

    नागौर जिले के लाडनूं से विधायक मुकेश भाकर सचिन पायलट गुट में शामिल हैं। राजस्थान के सियासी संकट को लेकर मुकेश भाकर अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। 14 जुलाई को भाकर ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि 'मैं तो चुनाव जीतकर यूथ कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बना हूँ। अशोक गहलोत कौन होते हैं मुझे हटाने वाले। अशोक गहलोत और उनके मंत्री-विधायक तो पहले ही एक किसान-फौजी के बेटे को हराने में लगे हुए थे।

    अशोक गहलोत की गुलामी हमें मंजूर नहीं

    अशोक गहलोत की गुलामी हमें मंजूर नहीं

    वहीं, भाकर ने 13 जुलाई को भी गहलोत पर निशाना साधते हुए ट्वीट में लिखा कि 'जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है। उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है। कांग्रेस में निष्ठा का मतलब है अशोक गहलोत की गुलामी। वो हमें मंजूर नहीं।'

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