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JAIPUR : इंजीनियरिंग छात्र गौरव सोनी लोगों को बांट रहा था 'स्वर्ग का टिकट', जानिए कौन थे खरीददार

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जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में कमिश्नरेट पुलिस की विशेष टीम ने इंजीनियरिंग के एक ऐसे छात्र को पकड़ा है, जो प्रदेश के लोगों को 'स्वर्ग का टिकट' दे रहा था। गिरफ्तार इंजीनियरिंग छात्र गौरव सोनी जयपुर के जवाहर सर्किल के सुंदरनगर का रहने वाला है।

विदेशी ड्रग्स का कोड वर्ड 'स्वर्ग का टिकट'

विदेशी ड्रग्स का कोड वर्ड 'स्वर्ग का टिकट'

दरअसल, 'स्वर्ग का टिकट' कोई और नहीं बल्कि एक विदेशी ड्रग्स का कोड वर्ड है, जो इंजीनियरिंग छात्र नशेड़ियों को ड्रग्स सप्लाई करने में इस्तेमाल किया करता था। गिरफ्तारी के बाद गौरव सोनी ने नशे के पूरे नेटवर्क से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

 बीटेक की पढ़ाई कर रहा गौरव

बीटेक की पढ़ाई कर रहा गौरव

जयपुर एडिशनल पुलिस कमिश्नर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि गौरव सोनी बीटेक का की पढ़ाई कर रहा है। इसके कब्जे से विदेशी ड्रग्स एलएसडी (लीसर्जिक एसिड डाईएथिमेलाइड) नाम के दस दस हजार के सात टिकट बरामद किए हैं। इसी ड्रग्स का नाम 'स्वर्ग का टिकट' हुआ था, जिसके इस्तेमाल करने वालों में बड़े घरों के युवक-युवतियां शामिल हैं।

 पुष्कर ले जा रहा था ड्रग्स

पुष्कर ले जा रहा था ड्रग्स

एडिशनल पुलिस कमिश्नर गुप्ता के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि गौरव सोनी डग्स लेकर अजमेर के पुष्कर जाने की तैयारी में है। ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत जिला स्पेशल टीम ने स्नैपर डॉग व स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गौरव को पकड़ लिया।

एलएसडी की जब्ती का जयपुर में यह पहला मामला

एलएसडी की जब्ती का जयपुर में यह पहला मामला

राजस्थान पुलिस के अनुसार विदेशी मॉर्डन ड्रग एलएसडी की जब्ती का जयपुर में यह पहला मामला है। आरोपी गौरव सोनी बीटेक का छात्र है। यह हाई क्लास नशा करता है। इस ड्रग के सेवन के बाद व्यक्ति अपना संतुलन तक खो देता है। एक डाक टिकट जितनी साइज का भी यह ड्रग्स 8 से 10 हजार रुपए का आता है। इसका सेवन करने वाले लोग इसे 'स्वर्ग का टिकट' भी कहते हैं। इस कार्रवाई में पुलिस ने डॉग स्क्वायड टैंगो योना और गोल्फ के साथ विभिन्न इलाकों में सघन चेकिंग की थी।

 दिल्ली के अनमोल मर्डर केस के बाद चलन में आया था यह ड्रग्स

दिल्ली के अनमोल मर्डर केस के बाद चलन में आया था यह ड्रग्स

बताया जाता है कि यह ड्रग्स दिल्ली के अनमोल मर्डर केस के बाद चलन में आया था। इसकी डिमांड दिल्ली और आसपास के इलाकों में ज्यादा होती है। ड्रग्स तस्कर इसे बुद्धा और सनशाइन जैसे अलग-अलग नाम से कोड वर्ड रूप में बोलते हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि यह ड्रग्स राजस्थान में रेव पार्टियों में काम में लिया जाता है। वह किसी परिचित की रेव पार्टी से पुष्कर से इसे लेकर आया था। जयपुर में इस ड्रग्स को छात्रों को सप्लाई किया जाना था।

40 जगहों पर दी दबिश, 21 गिरफ्तार

40 जगहों पर दी दबिश, 21 गिरफ्तार

पुलिस ने इस कार्रवाई में झोटवाड़ा, करधनी, जवाहर सर्किल, आदर्श नगर, जवाहर नगर, खोनागोरियां, मुहाना, शिप्रा पथ, माणक चौक, बजाज नगर और शास्त्री नगर इलाकों में मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से स्मैक, गांजा और डोडा पोस्त बरामद किया गया है। ऑपरेशन क्लीन स्वीप में अब तक एनडीपीएस के तहत 255 मामले दर्ज कर 308 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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English summary
Jaipur Engineering student Gaurav Soni arrested for Drug smuggling
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