राजस्थान में फिर उठी पायलट को सीएम बनाने की मांग, गहलोत समर्थक विधायक ने उठाई आवाज
जयपुर, 29 अगस्त। राजस्थान में एक बार फिर सचिन पायलट को सीएम बनाने की मांग उठ गई है। एससी आयोग के अध्यक्ष खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा कि अशोक गहलोत को पार्टी का अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। सचिन पायलट को यदि मुख्यमंत्री बना दिया जाए तो इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं है। बैरवा के इस बयान से राजस्थान में आगामी समय में होने वाले बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। खिलाड़ी लाल बैरवा गहलोत गुटके विधायक माने जाते हैं।

गहलोत 40 साल पुराने नेता
खिलाड़ी लाल बैरवा ने साफ शब्दों में कहा है कि अशोक गलत हमारे पुराने नेता हैं 40 साल से वह राजनीति में हैं और 20 साल से तो वह मुख्यमंत्री समेत बड़े पदों पर रहे हैं। राजस्थान में कोई बदलाव की बात हो तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद बड़े नेता हैं। उनको खुद को यह बात देखनी चाहिए कि नई पीढ़ी और सेकंड लाइन को तैयार किया जाए। बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उनके हिसाब से सम्मान के साथ पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की जो बात सामने आ रही है। उसे स्वीकार कर लेना चाहिए। पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस उन्हें सम्मान दे रही है। बैरवा ने कहा कि उदयपुर में जो चिंतन शिविर हुआ था। उसमें सोनिया गांधी ने बहुत तल्ख लहजे में कहा था कि पार्टी में आप लोगों को बहुत कुछ दिया है। अब आप लोगों की बारी है। पार्टी को कुछ लौटाने की यह बात कोई छोटी मोटी नहीं थी। लेकिन अब तक पार्टी में ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया।

रीपीट होने के लिए बदलाव की जरूरत
एससी आयोग के अध्यक्ष और विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री पद पर बदलाव होना चाहिए। लेकिन यह आलाकमान तय करता है। इस पर सब लोगों को बैठकर चर्चा भी करनी चाहिए। बैरवा ने कहा कि राजस्थान अब नए स्वरूप में आना चाहिए पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की बात कहने के साथ ही बैरवा ने कहा कि हमारे जो बड़े नेता हैं। चाहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हो या दिल्ली के वरिष्ठ नेता। उन्हें इस बात पर गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए और शायद वह कर भी रहे होंगे। बैरवा ने कहा कि गुजरात छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के चुनाव हमारे सामने हैं। हम इस चुनाव में कैसे बेहतर प्रदर्शन कर सके। इस पर मंथन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जो विभिन्न जातियों के बड़े नेता हैं। चाहे वह शेड्यूल कास्ट के हो, गुर्जर हो, मीणा हो, जाट हो, ब्राह्मण हो या राजपूत हो। सब जातियों के एक एक नेता को कांग्रेस में फ्रंट लाइन पर तैयार करना चाहिए। इन जातियों से डिप्टी सीएम और कमेटियों के मेंबर बनाने होंगे। अगर इस फार्मूले पर वर्किंग होती है तो राजस्थान में कांग्रेस की सरकार 2023 में रिपीट करने से कोई नहीं रोक सकता है।













Click it and Unblock the Notifications