मिलिए नए जमाने के श्रवण कुमार से, इंजीनियर की नौकरी छोड़ मां को स्कूटर पर बैठाकर करा रहे तीर्थ यात्रा
अपनी मां को स्कूटर पर बैठाकर तीर्थ यात्रा पर निकले दक्षिणामूर्ति कृष्ण कुमार कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले हैं। इन्हें लोग नए जमाने का श्रवण कुमार कह रहे हैं।
ये हैं दक्षिणामूर्ति कृष्ण कुमार से। इन्हें लोग नए जमाने का श्रवण कुमार भी कह रहे हैं। वजह ये है कि दक्षिणामूर्ति अपनी मां को स्कूटर पर बैठाकर 'मातृ सेवा संकल्प यात्रा' पर निकले हैं।

कर्नाटक में मैसूर के रहने वाले दक्षिणामूर्ति कृष्ण कुमार कम्प्यूटर इंजीनियर की नौकरी छोड़कर और अपनी जमापूंजी लेकर पिता के 25 साल पुराने स्कूटर पर अपनी मां के साथ चार धाम की यात्रा पर हैं।
16 जनवरी 2018 को मां के साथ मैसूर से यात्रा शुरू करने वाले दक्षिणामूर्ति कृष्ण कुमार उत्तराखंड में चार धाम के दर्शन करने के बाद जयपुर के गोविंददेव जी मंदिर पहुंचे। यहां से राजसमंद के नाथद्वारा होते हुए अन्य तीर्थ स्थलों पर जाएंगे।
मीडिया से बातचीत में दक्षिणामूर्ति कृष्ण कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान वो और उनकी मां मठ-मंदिरों में विश्राम करते हैं। भारत के साथ-साथ भूटान, नेपाल, मयांमार में स्कूटर से 77 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं।
कृष्ण कुमार ने बताया कि उनकी मातृभक्ति से प्रभावित होकर उद्योगपति आनंद महेंद्रा ने एक बार उन्हें कार भेंट की थी, लेकिन उन्होंने यह ऑफर सहर्ष ठुकरा दिया। उन्होंने मां को पिता के स्कूटर पर ही यात्रा करवाना उचित समझा ताकि यात्रा के दौरान अहसास हो कि पिता भी उनके साथ हैं।












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